✍️ छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ कॉम जिला प्रमुख रिपोर्ट सैयद बरकत अली गरियाबंद
गरियाबंद दुर्घटनाओं के बीच लगातार जाती जान से चिंचित पुलिस अधीक्षक जे आर ठाकुर दुर्घटना में कमी लाने के लिए तरह तरह की पहल कर रहे है।तो दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की सुस्ती और पालकों की अनदेखी से ब्लॉक में बिना लाइसेंस बिना उम्र वाले नाबालिक लड़का लड़की खुलेआम 2 एवम 4 विलर रौंदकर अपनी जान को आफत में डाल रहे है।
*3 जवान बेटी सहित पति पत्नी कोचर परिवार की दर्दनाक मौत*
*🎥 ब्यूरो रिपोर्ट “छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़”*
*👉 बच्चियां चीखती रही चिल्लाती रही, मगर रात अधिक होने के कारण नही आया कोई कोचर परिवार को बचाने*
हालाकि मुख्यालय पर डार्विंग लाइसेंस बनाने शिविर लगाने के लिए भी लंबे समय से मांग किया जा रहा है।ताकि गरियाबंद जाकर झंझट से बचा जा सके। क्योंकि 12 से 15 साल के ऐसे कई बच्चे है जो फूल स्पीड में ट्रक बस सहित बड़े बड़े गाडियों को अपने दुपहिया वाहन से ओवर टेक करते आसानी से कट मारकर निकल लेते है। मतलब ना ट्रैफिक नियम की चिंता होती हैं और ना अपनी जान का डर तभी हेलमेट बेगर भी गाड़ी 80 से ऊपर दौड़ाते दिखाई देते है। जिसे आम लोग देख आगमी दूरी पर अभी तभी दुर्घटना होने की आशंका भी जाहिर करते हैं। यहां बताना लाजमी होगा कि स्कूली छात्र छात्राओं सहित युवाओं में लगभग 40 प्रतिशत लोगो ड्राइविंग लाइसेंस नही बना है।फिर भी पिकअप स्कार्पियो, टैक्टर बोलोरो सहित कई प्रकार के गाड़ी दौड़ा रहे हैं। भीड़ भाड़ इलाके पर भी टैक्टर की स्पीड कल्पना से कई अधिक होती हैं। मगर अब तक इनकी तेज रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग पाया है शायद यही वजह है मुख्यालय पर ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद कराने की मांग पिछ्ले कई वर्ष से हो रही है। क्योंकि अक्सर एक्सीडेंट पर बिना हेलमेट बिना सीटबेल्ट के देखा गया है। सबसे अधिक व्यस्तम झाखरपारा से देवभोग ओड़ीसा से देवभोग गिरसुल से देवभोग पर बिना सुरक्षा के तेज रफ्तार पर गाड़ी दौड़ते हैं।जिनके स्पीड पर आज तक ब्रेक नहीं लग पाया है। हालाकि बीच बीच में खानापूर्ति चेकिंग अभियान चलाकर नियम कानून पालन कराने की पहला होती है।मगर वह पहल भी चंद दिनों बाद खत्म हो जाती है। यही वजह है कि बेलगाम दौड़ती गाडियों पर लगाम नही लग रहा है।




