रानीतराई कालेज : स्वामी आत्मानंद जी आध्यात्म एवं समाज सेवा के लिए समर्पित थे–अरविंद मिश्र

रानीतराई :- स्वामी आत्मानंद जी का तुलेंद्र से स्वामी तेज चैतन्य तथा उसके पश्चात स्वामी आत्मानंद जी का सफर अत्यंत प्रेरणादायक है!स्वामी जी ने एक वर्ष की कठोर तपस्या हिमालय के शिखर पर स्थित आश्रम मे किया।
उक्त विचार स्व.दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय में आयोजित “स्वामी आत्मानंद जी स्मृति व्याख्यान माला द्वितीय वर्ष के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं भारतीय सांस्कृतिक निधि,छत्तीसगढ़ राज्य के संयोजक श्री अरविंद मिश्र ने व्यक्त किया!श्री मिश्र ने अपने संबोधन मे कहा कि स्वामी आत्मानंद जी रायपुर आकर छत्तीसगढ़ में स्वामी विवेकानंद जी के प्रवास को चिरस्थायी एवं गौरवान्वित करने के लिए रायपुर में स्वामी विवेकानंद आश्रम के निर्माण में जुट गये!स्वामी आत्मानंद जी ने छत्तीसगढ़ में आध्यात्म एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी!
कार्यक्रम में प्राचार्य डाॅ.आलोक शुक्ला ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि इस महाविद्यालय में पिछले वर्ष से “स्वामी आत्मानंद जी स्मृति व्याख्यानमाला” प्रारंभ किया है जिसमे विद्वानों, विषय विशेषज्ञों तथा शिक्षाविदों को आमंत्रित किया जाता है।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी ने मानवता की सेवा मे अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया!उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से अपना जीवन आदिवासी लोगों की सेवा मे लगा दिया!स्वामी आत्मानंद जी ने रायपुर, बिलासपुर, अमरकंटक, नारायणपुर एवं भोपाल मे रामकृष्ण आश्रम की स्थापना कर युवाओं के मन मे ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित कर करुणा और समाज सेवा की ओर प्रेरित किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ मे कु. ममता ने राज्य गीत ” अरपा पैरी के पार ” प्रस्ताव किया!इस अवसर पर कु. भारती गायकवाढ़, श्रीमती शगुफ़्ता सिद्दीकी, श्रीमती अंबिका ठाकुर बर्मन, श्री टिकेश्वर पाटिल, कु. माधुरी बंछोर,कु. शिखा मढ़रिया एवं कु. सीमा वर्मा उपस्थित थे!कार्यक्रम का संचालन प्रभारी कु.रेणुका वर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन कु. रेश्मी महेश्वर ने किया।

B. R. SAHU CO-EDITOR
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B.R. SAHU CO EDITOR - "CHHATTISGARH 24 NEWS"

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