*केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को परेशान – रविंद्र रामटेके*

*राजनांदगांव ।* छत्तीसगढ़ राज्य में केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना को आम जनता से दूर रखने के लिए जानबूझकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को वंचित तथा लक्ष्य को भी पुरा नही किए जा रहे हैं तथा पूर्व में स्वीकृत पीएम आवास हितग्राहियों को समय पर राशि उपलब्ध नहीं कराने एवं आत्महत्या करने के लिए मजबूर राज्य के कांग्रेस सरकार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रविंद्र रामटेके ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना से आम जनता को कोसों दूर रखने एवं गरीब को जो जुग्गी झोपड़ी मकान में निवास करने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान में रहने का जो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी ने गरीब तबकों को पक्का मकान में निवास करने का जो सपना दिखाए हैं। वह वास्तव में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में साकार हो रहे हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को जानबूझकर लेट लतीफ कर रहे हैं तथा योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार गरीब मजदूर झोपड़पट्टी में रहने वालों प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं दे रहे हैं।
श्री रामटेक ने राज्य सरकार सहित राजनांदगांव नगर निगम प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए आगे कहा कि राजनांदगांव नगर निगम में केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना को अपने भ्रष्टाचार के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना को केंद्र के द्वारा समय पर राशि उपलब्ध कराने के बाद भी किस्तों में समय पर उपलब्ध नहीं कर रहे हैं। क्योंकि कांग्रेस सरकार का मनसा है केंद्र सरकार को बदनाम करने की। इसलिए प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को समय पर तकनीकी इंजीनियर को मकान तक जाने के लिए मना कर रहे हैं तथा कमीशन खोरी के भेंट प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को अपने भ्रष्टाचार के चलते आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व में केंद्र की महत्वकांक्षी योजना में राजनांदगांव नगर निगम भ्रष्टाचार में सबसे नंबर वन पर चल रहे हैं। राजनांदगांव निगम प्रशासन में इतनी भ्रष्टाचार अधिकारी कर्मचारी लिप्त हैं। जो किसी की कोई परवाह को डर दबाव नहीं है। इसलिए प्रधानमंत्री आवास हितग्राही अपने किस्तो की राशियों के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन वह निगम प्रशासन के पास आवास हितग्राहियों की बात सुनने के लिए समय नहीं है। इसका उदाहरण राजनांदगांव वार्ड नंबर 45 गौरीन भाठा के पीएम आवास हितग्राही के पति महादेव यादव, एवं लखोली निवासी यास्मीन बानो द्वारा समय पर पीएम आवास किस्त नहीं मिलने के कारण काफ़ी परिशान थे इसलिए  निगम प्रशासन की उदासीनता रवैया के चलते आत्महत्या करने के  करने के लिए निगम प्रशासन अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार है अगर यह गंभीर विषय पर जांच कमेटी बनाकर सूक्ष्म जांच किया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और कई अधिकारी और कर्मचारी लपेटे में आ जाएंगे और निलंबित के साथ एफआईआर हो जाएंगे लेकिन ऐसे कारवाई नहीं चाहते निगम प्रशासन इसलिए भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी को निगम प्रशासन जानबूझकर संरक्षण दे रखे हैं। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास की कमीशन अधिकारी और कर्मचारी के माध्यम से ही उच्च अधिकारी को कमीशन प्राप्त हो रहा है। इसलिए केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों काफी परेशान है।

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

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