मोदी सरकार के चुनावी बजट में बेरोजगार, आम जनता और छात्रों को मिला झुनझुना : अहसन मेमन

गरियाबंद : NSUI के प्रदेश सचिव अहसन मेमन ने केंद्र की मोदी सरकार कि सप्तऋषि बजट को बताया झुनझुना और कहा कि मोदी सरकार ने 2 करोड रोजगार कि कहीं पर जिक्र भी नहीं किया गया अर्थात बेरोजगारी पर ध्यान नहीं दिया आम जनता के मुद्दे को अमल नहीं किया और देशव्यापी महंगाई को कम करने के लिए कोई ठोस उपाय इस बजट में शामिल नहीं किया गया है।

इस बजट में कहीं पर भी बढ़ते एलपीजी एवं पेट्रोल डीजल के दामों को घटाने का कोई जिक्र नहीं किया गया है इस बजट पर जनता कि सीधी निगाहें मोदी सरकार पर थी क्योंकि चुनाव से पहले मोदी सरकार ने 15-15 लाख रुपए सीधे जनता के खाते पर भेजने की बात कही थी।

मेमन ने कहा नर्सिंग कॉलेज खोलने की हेडलाइन के अलावा छात्र छात्रहित से जुड़े कोई बड़ी घोषणाएं नहीं की है। एक बार फिर किसानों की आय दोगुनी करने की वादा चुनावी जुमला साबित हुई। यह बजट चंद उद्योगपतियों को फायदे दिलाने एवं महंगाई की मार शिक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत के नाम पर आम जनता को झुनझुना देने के लिए पेश किया गया है।

बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था। सरकार मजदूरों के लिए क्या करने जा रही है? बेरोजगारी, महंगाई की बात भी नहीं की गई। “ये बजट देश की वास्तविक भावना को संबोधित नहीं कर रहा है जो कि महंगाई और बेरोजगारी है। जिसमे केवल फैंसी घोषणाएं थीं जो पहले भी की गई थीं लेकिन कार्यान्वयन के बारे में क्या? पीएम किसान योजना से सिर्फ बीमा कंपनियों को फायदा हुआ किसानों को नहीं। ””ये चुनावी बजट है, किसानों के लिए कुछ नहीं है।

किसानों की एमएसपी की बात नहीं की है। रेलवे को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है। आधी से ज्यादा आबादी गांव में बसती है लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया है। ये बहुत ही निराशाजनक बजट है। ”प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनावी वायदे में किसानों से कहा था देश के किसानों की आय 2022 तक दुगनी कर देंगे। 2022 को बीते एक माह हो गये किसानों की आय दुगनी तो नहीं हुई। मोदी सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण कृषि का लागत मूल्य बढ़ गया।

डीजल, उर्वरक, कीटनाशक के दाम बढ़ने से किसानों की आय घट गयी। मोदी का किसानो से किया वायदा भी गलत साबित हुआ है। कृषि सुधार के नाम पर किसानों को धोखा दिया जा रहा है। सिंचाई पर योजना और किसानों को प्रत्यक्ष सब्सिडी के बजाय चंद पूंजीपति मित्रों को उपकृत करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। देश के किसानों की अपेक्षा है कि मोदी अपने अंतिम बजट में ही वायदा निभाये किसानों की आय बढ़ाने के लिये ठोस वित्तिय प्रावधान किए जाएं। शिक्षा स्वास्थ महिला सुरक्षा के लिए कोई नई योजनाओं की घोषणाओं का अभाव दिखा

ताज़ा खबरे

Video News

"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है। 

error: \"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़\" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है।