रिपोर्ट अनमोल कुमार

धार भोज शाला में विशाल हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित किया स्वामी स्वदेशानंद
एम पी /पटना। अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेश आनंद ब्रह्मगिरि महाराज ने कहा है कि धर्म जोड़ने का मार्ग है तोड़ने का नहीं। उन्होंने कहा कि शांति से रखा हुआ विचार ही सामाजिक बदलाव का एकमात्र रास्ता है।
स्वामी स्वदेशानंद ने आक्रांताओं को खुलकर चुनौती दी और कहा कि सुधर जाओ नहीं तो सुधार दिए जाओगे।
श्री स्वदेशनंद
मध्य प्रदेश के धार के भोजशाला में भोजशाला समिति पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत बसंत पचमी के अवसर पर मां सरस्वती का जन्मोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सनातनी अखाड़ा के संस्थापक संयोजक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज की अध्यक्षता में तथा विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रचारक आलोक जी की मुख्य आतिथ्य में तथा अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय मुख्य संगठन महामंत्री डॉ.राजकुमार शर्मा, श्री श्री 1008 श्री अवधूत महाराज के प्रमुख आतिथ्य में बहुत ही धूम – धाम से लगभग दो लाख जनता के साथ मनाया गया।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि ये भूमि ऋषि मुनियों की भूमि है, ये साधु संतों की भूमि है, ये महाराणा प्रताप, राजा भोज और छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है ये भूमि मुगलों की नही है। ये बाबर और औरंगजेब की भूमि नही है। स्वामी स्वदेशानंद ने कहा कि भारत 2027 में हिन्दू राष्ट्र बनेगा ।उसके पहले 2026 के अन्त तक नेपाल हिन्दू राष्ट्र बनने जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के राष्ट्रीय महासचिव और पीठाधीश्वर सह वरीय पत्रकार पटना निवासी स्वामी श्यामानंद जी महाराज ने यह जानकारी दी।
श्यामानंद महाराज के अनुसार स्वामी स्वदेशानंद कहा की भारत में सभी को ठीक से रहना होगा, और ठीक से नही रहोगे तो ठीक कर दिए जाओगे,। हम सनातनियों को भाई चारा निभाना आता है तो ठीक करना भी आता है। उन्होंने समाज को शांति, संयम और सद्भाव का सशक्त संदेश दिया।
स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में सामने आ रही विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक घटनाओं के बीच संवाद, विवेक और लोकतांत्रिक मर्यादा ही सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म जोड़ने का मार्ग दिखाता है, टकराव का नहीं।
शांति से रखा गया विचार ही समाज में स्थायी परिवर्तन लाता है।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी स्वदेशानंद ने सभी नागरिकों, युवाओं एवं संगठनों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे से दूर रहे कार्यक्रम के बीच में धार के समाज सेवी राजा भाऊ को स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज एवं डॉ. राजकुमार शर्मा के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच मध्यप्रदेश का कार्यवाहक अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति पत्र दिया गया। सभा को विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रचारक आलोक कुमार जी ने संबोधित करते हुए धार भोजशाला का इतिहास जनता के सामने रखा और कहा कि ये मुर्दे गड़ाने की जगह नही है। ये मां सरस्वती की मन्दिर हैं जिसे राजा भोजदेव ने बनाया था। इसलिए इस स्थान पर हिंदुओं का अधिकार है। मंच का संचालन भोज शाला समिति के पदाधिकारी निखिल जोशी के द्वारा किया गया। तथा आभार व्यक्त भोज शाला समिति के महामंत्री सुमित चौधरी जी ने किया। इस आशय की जानकारी अंतर्राष्ट्रीय संत बौधिक मंच बिहार प्रदेश के सचिव सह मीडिया प्रभारी ने इस आशय की जानकारी दी।




