देवभोग गाँधी के साथी का शहीद स्मारक तरस रहा है अनावरण को

✍️छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट 

गरियाबंद जिला देवभोग – पंडित श्याम शंकर मिश्र का जन्म छत्तीसगढ़ के महानदी के तट पर नवापारा राजिम नामक पवित्र स्थान में दिनांक 01.07.1907 को हुआ था। पिता स्व.श्री राम प्रकाश मिश्र थे। पंडित श्याम शंकर मिश्र बचपन से ही राष्ट्रीय प्रेम से ओत-प्रोत थे।24.05.1926 को शिक्षक के रूप में जीवन की शुरूवात की थी पंडित श्याम शंकर मिश्र निरंतर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहे, आंदोलन में भाग लेने के कारण पंडित श्याम शंकर मिश्र को कई बार जेल जाना पड़ा। जेल प्रेवश दिनांक 26.02.1932 तथा 27.01.1943,शिद्ध दोस कैदी के रूप में दिनांक 26.02.1932 से 16.07.1932,डिटेन्यू के रूप अपना के जो लिखा है ना यह में 26.01.1943 से 05.02.1943 तक,मुक्ति की तिथि 16.07.1932 से 16.07.1943 सन 26.02.1932 को 6 माह सकत सजा हुई 16.07.1932 को मुक्त हुए।

पंडित श्याम शंकर मिश्र का स्वतंत्रता का आंदोलन के योगदान के लिए उनकी स्मृति में प्रतीक चिन्ह के रूप में संगमरमर की स्मारक इस क्षेत्र को उपहार स्वरूप प्रदान किया जो आज भी गांधी चौक मैदान में देश सेवा की भावना का संदेश देता पड़ा है। पंडित श्याम शंकर मिश्र गांधीजी के विश्वसनीय कार्यकर्ता थे, त्रिपुरी कांग्रेस सम्मेलन जबलपुर में गांधीजी के अंगरक्षक थे आंदोलन के वक्त गांधी जी के नेतृत्व में जगह-जगह मीना बाजार खोले गए थे, रायपुर में पंडित श्याम शंकर मिश्र को मीना बाजार प्रभारी पद पर नियुक्त किए थे, तत्पश्चात गांधी जी ने इन्हें अपने साथ वर्धा आश्रम ले गए यहां गांधी जी के साथ एक माह रहे, पंडित श्याम शंकर मिश्र को विदाई देते हुए अपने हाथ से निर्मित खादी के पोशाक भेंट किए। महात्मा गांधी द्वारा दी गई कमर घड़ी आज भी उनके पौत्र स्वर्गीय राजेश पांडे के बाद इनके पुत्र अभिषेक पांडे के पास सुरक्षित है, नौकरी के रहते हुए देवभोग में कांग्रेस की स्थापना का नेतृत्व किये।

स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्याम शंकर मिश्र के स्मृति के रूप में देवभोग के ह्रदय स्थल पर शहीद स्मारक का निर्माण किया गया, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि आज तक गांधीजी के साथी पंडित श्याम शंकर मिश्र का शहीद स्मारक अनावरण को तरस रहा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार शहीद स्मारक के अनावरण कराने हेतु शासन प्रशासन के चक्कर काटते अब तलक बाट जोह रहे हैं। अनावरण हेतु राज्यपाल, मंत्री गण, उच्च प्रशासनिक अधिकारी के पास जाते-जाते अनावरण हेतु गुहार लगाते सालों बीत गए किंतु अब तलक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित श्याम शंकर मिश्र का शहीद स्मारक तरस रहा है अनावरण को।

पंडित श्याम शंकर मिश्र सरकार होते हुए भी एक कट्टर कांग्रेसी थे, राज्य में कांग्रेस की मौजूदा सरकार होते हुए भी नहीं हो पा रहा है अनावरण। जिससे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार काफी दुखी हैं नम आंखों से दुख जताते हुए कहते हैं कि क्या स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के शहीद स्मारक का अनावरण करना या कराना इतना कठिन है क्या स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कहानी, योगदान, उपलब्धि, सहायता, सहयोग की कहानी इतिहास के पन्नों से सरकारी दफ्तर तक सिमट कर रह गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित श्याम शंकर मिश्र के परिवार व क्षेत्रवासी चाहते हैं कि शहीद स्मारक का अनावरण जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के कर कमलों से हो क्योंकि आगामी दिनों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आगमन की खबर सुनकर परिवार व क्षेत्रवासियों में आस की लहर दौड़ रही है, आशा है कि शहीद स्मारक का अनावरण हो।

VIKRAM NAGESH
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विक्रम कुमार नागेश ( जिला संवाददाता) सैयद बरकत अली (जिला ब्यूरो) कार्यक्षेत्र - गरियाबंद
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