मझौली: प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण, SECL के सेवानिवृत्त कर्मचारी व समाजसेवी अशोक जायसवाल का हुआ नागरिक अभिनंदन
अशोक जायसवाल के निवास पर जुटे क्षेत्र के प्रबुद्धजन, केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर हुई सघन चर्चा; वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का लिया संकल्प
मझौली । देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित कार्यकाल के गौरवशाली 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक पड़ाव के उपलक्ष्य में पूरे देश सहित प्रदेश भर में विभिन्न रचनात्मक और गौरव आयोजनों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मझौली क्षेत्र के वार्ड क्रमांक [वार्ड नंबर डालें] स्थित प्रतिष्ठित समाजसेवी और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री अशोक जायसवाल जी के निज निवास पर एक गरिमामयी सम्मान और विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध वर्ग ने उनके निवास पहुंचकर श्री अशोक जायसवाल जी का शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया।
सेवा और राष्ट्र निर्माण में समाजसेवियों की भूमिका अहम
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के सुदृढ़ निर्माण में शासकीय योजनाओं के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध वर्ग और समाजसेवियों का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक होता है। श्री अशोक जायसवाल जी ने SECL में रहते हुए लंबे समय तक राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में अपना अमूल्य योगदान दिया और सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे लगातार सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ मार्गदर्शकों का सम्मान करना समाज और संगठन दोनों का परम कर्तव्य है।
12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों और योजनाओं पर हुआ मंथन
सम्मान समारोह के साथ ही यह आयोजन एक बौद्धिक विमर्श में बदल गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा किया। इस दौरान चर्चा करते हुए वक्ताओं ने बताया कि कैसे बीते एक दशक से अधिक समय में देश ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure), डिजिटल क्रांति, स्वास्थ्य (आयुष्मान भारत), और अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मझौली और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रही उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और उनके दूरगामी प्रभावों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
‘विकसित भारत @2047’ की संकल्पना पर गंभीर विमर्श
चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु देश को आत्मनिर्भर और महाशक्ति बनाने की दिशा में तय की गई ‘विकसित भारत’ की संकल्पना रही। प्रबुद्धजनों ने इस बात पर असंदिग्ध सहमति जताई कि वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री जी ने लिया है, उसे केवल सरकार के भरोसे पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए अनुभवी जन और समाजसेवियों को अपनी वैचारिक और सामाजिक सहभागिता बढ़ानी होगी।
सम्मान से अभिभूत हुए समाजसेवी अशोक जायसवाल
इस आत्मीय नागरिक सम्मान से भावुक और अभिभूत होकर SECL के सेवानिवृत्त कर्मचारी व समाजसेवी श्री अशोक जायसवाल जी ने आगंतुक सभी अतिथियों और प्रबुद्धजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और देशहित में लिए गए कड़े व बड़े फैसलों की मुक्तकंठ से सराहना की। श्री जायसवाल ने कहा:
”देश के विकास के लिए सुशासन, पारदर्शिता और जन-जन तक सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना बेहद जरूरी है। वर्तमान सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को धरातल पर सच साबित करके दिखाया है। एक सजग नागरिक होने के नाते विकसित भारत के निर्माण में हम सब अंतिम सांस तक अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
क्षेत्र के गणमान्य जन रहे उपस्थित
इस गरिमामयी सम्मान समारोह और संगोष्ठी में मझौली क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार गण, SECL के पूर्व सहकर्मी और भारी संख्या में वार्ड व नगर के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनों ने राष्ट्र निर्माण और सुशासन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि योजनाएं कागजों से निकलकर सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुंच रही हैं, जिसने सुशासन की नई परिभाषा लिखी है।
