Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

नित्या कृषि केन्द्र एवं रत्ना कृषि केन्द्र “सील” किया कीटनाशी अधिनियम के नियमों का उल्लंघन

नित्या कृषि केन्द्र एवं रत्ना कृषि केन्द्र "सील"

नियम विरूद्ध कीटनाशी का विक्रय करने पर ग्राम सुकुलदैहान के नित्या कृषि केन्द्र एवं रत्ना कृषि केन्द्र किया गया सील; संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी

राजनांदगांव ; कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलेभर में सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम द्वारा शिकायत के आधार पर जिले के विभिन्न कीटनाशी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

यह भी पढ़े; ➡️ पाटन के लाडले विधायक माननीय श्री ‘भूपेश बघेल’ तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए भी मगरघटा–परसदा पुल बनवाने में रहे असफल.?

राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान स्थित नित्या कृषि केन्द्र एवं रत्ना कृषि केन्द्र के जांच के दौरान कीटनाशी अधिनियम के विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने पर हुए कीटनाशकों का विक्रय करना पाया गया। कृषि केन्द्रों के संचालकों द्वारा अवैध गोदाम के माध्यम से कीटनाशकों का व्यापार किए जाने, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र व आवश्यक अभिलेखों के कीटनाशकों का भंडारण एवं विक्रय किए जाने तथा निर्धारित दस्तावेजों का समुचित संधारण नहीं किए जाने सहित अन्य गंभीर अनियमितता पाई गई।

जिले के युवाओं के लिए “माय भारत” पंजीयन अभियान और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित

कृषि विभाग की टीम द्वारा अनियमितताओं को देखते हुए कृषि केन्द्रों के विक्रय परिसरों को तत्काल प्रभाव से सील कर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई में सहायक संचालक कृषि श्रीमती संध्या कोचर, विकासखंड उर्वरक निरीक्षक श्री अविनाश दुबे एवं श्री मिथलेश साहू शामिल थे।

यह भी पढ़े ; परिवहन विभाग ने जारी की “फर्जी ई-चालान लिंक”, व्हाट्सएप और एसएमएस पर सावधान रहने एडवाइजरी

कृषि विभाग की टीम द्वारा किसानों के हितों की रक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिले में कीटनाशी, उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

Exit mobile version