स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर को मिला बाजार, स्थानीय उत्पादों और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन
खैरागढ़(प्रदीप बोरकर)। जिले के राजा फतेह सिंह खेल मैदान में जिला स्तरीय सरस मेला 2026 का उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित मेले में जिले के दोनों विकासखंडों के लगभग 64 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर, जिला पंचायत सभापति दिनेश वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष छुईखदान पुष्पा प्रकाश, पूर्व सभापति धम्मन साहू एवं भागवत शरण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रवेश द्वार पर फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने मंच पर दीप प्रज्ज्वलित किया।
महिला स्वावलंबन की दिशा में सराहनीय पहल – जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर और परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रही हैं। सरस मेले में प्रदर्शित उत्पाद उनकी मेहनत, रचनात्मकता एवं उद्यमशीलता का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ समाज में पहचान और सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिलाओं की मेहनत को बाजार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता – कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने, बाजार तक पहुंच बनाने तथा आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए सशक्त मंच – सीईओ जिला पंचायत
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले के उद्देश्यों एवं उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में पहली बार जिला स्तरीय सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना और बेहतर बाजार से जोड़ना है।
स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प ने खींचा लोगों का ध्यान
मेले में अचार, पापड़, बड़ी, दीपक, जैविक खाद, पान से निर्मित मिठाइयां, बांस के हस्तशिल्प, गुलदस्ते, अगरबत्ती, जैविक सब्जियां, दाल एवं बेसन सहित विभिन्न स्थानीय और घरेलू उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों में उनके कौशल और नवाचार की झलक देखने को मिली।
अतिथियों ने स्टॉलों का भ्रमण कर महिलाओं से उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं विपणन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उत्पादों की खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रम के अंत में उप संचालक राज तिवारी ने अतिथियों एवं सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भुनेश्वरी देवांगन, अरुणा राजू सिंह, डॉ. बिसेसर साहू, खम्मन ताम्रकार, शैलेन्द्र त्रिपाठी, शैलेन्द्र मिश्रा, विकेश गुप्ता, विनय देवगान, गोरेलाल वर्मा, नीलिमा गोस्वामी एवं नीलम राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। आईएफएससी परियोजना से ऋतुराज दुर्गा, पिंकी वर्मा, ललिता एवं अमिता सहित बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सहभागिता की।






