भारत में बेतहाशा बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने राहत भरी खबर दी है। भारत सरकार ने खाने के तेल सस्ती करने न केवल ऐलान किया है बल्कि एडिबल ऑयल एसोसिएशन को खाने वाले तेलों की कीमत तत्काल 15 रूपये घटाने के आदेश जारी किए हैं। खाद्य एंव आपूर्ति मंत्रालय ने एडिबल ऑयल एसोसिएशन से कहा है कि खाने के तेल के दामों में कमी का फायदा फौरन कस्टमर्स तक पहुंचाया जाए। 6 जून, 2022 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक महत्वपूर्ण बैठक की थी जिसमें सभी बड़ी एडिबल ऑयल एसोसिएशन को फौरन 15 रुपये तक खाने के तेल के दाम घटाने का आदेश दिया था।
बता दे की केंद्र सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों एवं रिफाइनरों से डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए भी दाम तत्काल घटाने को कह दिया है जिससे कीमतें में कमी का फायदा मिलने में किसी को कोई भी दिक्कत ना हो। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एडिबल ऑयल एसोसिएशन से कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए जैसे ही कीमतें घटाई जाएंगी उसका फायदा उपभोक्ताओं तक तुरंत पहुंचना चाहिए और रेग्युलेर बेसिस पर विभाग को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मंत्रालय ने कहा है कि जिन कंपनियों ने अब तक दाम नहीं घटाएं हैं और जिनकी एमआरपी अन्य ब्रांड के मुकाबले ज्यादा है उन्हें भी फौरन कीमतें घटानी चाहिए।
खाद्य एंव आपूर्ति विभाग ने अपने बैठक में अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेल के दामों में कमी आ रही है जो कि खाने के तेल के दामों के लिहाज से बेहद सकारात्मक है। एडिबल ऑयल कंपनियों को ये सुनिश्चित करनी चाहिए कि घरेलू बाजार में खाने के तेल के दामों में कमी आए और इसका फायदा हर उपभोक्ताओं को अविलंब मिलना चाहिए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बताया की खाने के तेल के दामों और उसकी उपलब्धता पर लगातार नजर बनाये हुए है और खाने के तेल पर जो टैक्स में कमी की गई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जो खाने के तेल के दामों में कमी आई है उसका फायदा हर हाल में उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए ये भी सुनिश्चित करने में विभाग जुटा है।
लोगों की रसोई के बजट में जरुर बचत होगी – खाद्य एंव आपूर्ति विभाग । खाने की तेल की वजह से उनकी रसोई का बजट काफी हद तक बिगड़ गया उससे गृहिणियों को काफी हद तक मदद मिलने की संभावना है। हालांकि पिछले महीने भी कुछ तेल कंपनियों ने सरसों और सूरजमुखी तेल के दामों में कटौती का ऐलान किया गया था लेकिन अब तक कम हुई कीमतों का असर खुदरा रेट पर नहीं दिखाई दे रहा है। मदर डेयरी ने 15 रुपये और अडानी विल्मर ने 10 रुपये प्रतिलीटर कटौती का ऐलान किया गया था। बता दें कि इन दिनों ग्लोबल मार्केट में खाने वाले तेल के दामों में गिरावट आई है। सरकार की कोशिश है कि वैश्विक स्तर पर खाद्य तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर खुदरा कीमतों में भी दिखे। पिछले महीने मदर डेयरी और अडानी विल्मर ने अपने ब्रांड के तेल की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया था।




