मोहला-मानपुर में बाघ की हलचल से ग्रामीणों में दहशत, बैल का किया शिकार; ट्रैप कैमरे से निगरानी
मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के दक्षिण वन परिक्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। दो दिन के भीतर करीब 20 से 30 किलोमीटर के अंतर पर स्थित दो गांवों के आसपास बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। एक गांव के पास बाघ दिखाई देने और पगमार्क मिलने की जानकारी है, जबकि दूसरे गांव के नजदीक बाघ ने किसान के बैल का शिकार किया है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
खेत के पास बैल का शिकार, सुबह ग्रामीणों को मिली जानकारी
जानकारी के मुताबिक, मानपुर ब्लॉक मुख्यालय के पास स्थित ग्राम कलवर में शुक्रवार देर शाम बाघ ने गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में एक किसान के बैल का शिकार किया। घटना की जानकारी ग्रामीणों को शनिवार सुबह हुई, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अमला मौके पर पहुंचा। वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के साथ आसपास के हालात का जायजा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
क्या इलाके में एक से ज्यादा बाघ हैं?
घटनास्थल पर मिले निशानों के आधार पर कुछ ग्रामीणों ने इलाके में एक से अधिक बाघ होने की आशंका जताई है। हालांकि, वन विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। विभाग के अनुसार, एक से ज्यादा बाघों की मौजूदगी का अनुमान लगाने के लिए पुख्ता प्रमाण और ट्रैप कैमरे से मिलने वाली तस्वीरें जरूरी हैं। इसलिए फिलहाल क्षेत्र में एक से अधिक बाघ होने की बात को आशंका के तौर पर ही देखा जा रहा है।
हालेपायली के पास भी दिखा बाघ, पगमार्क की पुष्टि
महाराष्ट्र और बस्तर सीमा से लगे औंधी-नवागांव उप वन परिक्षेत्र के ग्राम हालेपायली के आसपास भी शनिवार को बाघ दिखाई देने और उसके पगमार्क मिलने की जानकारी सामने आई। वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी के संकेतों की पुष्टि की है।
क्षेत्रीय वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवीण देहारी के मुताबिक, इलाके में ट्रैप कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों की सतर्कता अहम है। लोगों को जंगल और आसपास के खेतों में जाते समय सावधानी बरतने तथा वन्यजीव की मौजूदगी दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की जरूरत है।






