
यूजीसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले का देशभर में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भा.ज.पा सहयोग मंच के संस्थापक आशुतोष शर्मा ने गहरी प्रसन्नता जताई और इसे शिक्षा व्यवस्था तथा सामाजिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक करार दिया।
आशुतोष शर्मा ने कहा कि यदि यूजीसी से संबंधित यह फैसला नहीं आता, तो देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हो सकता था, जिससे समाज के बौद्धिक ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस दूरदर्शी निर्णय से उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समान अवसरों को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी से जुड़े स्पष्ट और सशक्त दिशा-निर्देश छात्रों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी। आशुतोष शर्मा ने यह भी कहा कि वे शिक्षा एवं सामाजिक मुद्दों को लेकर लगातार संघर्षरत रहे हैं और यह निर्णय उसी सतत प्रयास का सकारात्मक परिणाम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक और दूरगामी बदलाव आएंगे, जिससे समाज का समग्र विकास सुनिश्चित होगा और देश एक सशक्त बौद्धिक दिशा की ओर अग्रसर होगा।




