धारनीधोड़ा में “नरवा-गरवा, घुरवा-बाड़ी” का सरपंच सचिव कर रहे हैं पलीता; शासन-प्रशासन मौन जिम्मेदार कौन

✍️ छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट 

सरकार कर रही है किसानों व पशु पालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए ‘गौठान’ जैसे महत्वपूर्ण योजना को संचालित 

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत धारनी धोड़ा में सचिव व सरपंच के द्वारा भूपेश सरकार की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी योजना” नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी” मे पलीता लगाया जा रहा है। छत्तीसगढ़  कांग्रेस की सरकार बनने के बाद माननीय भूपेश बघेल सरकार की छत्तीसगढ़ियों के लिए यह सबसे बड़ी योजना है. जहां छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों व पशु पालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की गौठान जैसे महत्वपूर्ण योजना संचालित कर रही है। ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा मे निर्मित ‘आदर्श गौठान’ सचिव व सरपंच की घोर लापरवाही के चलते वीरान : –   सरकार के सपने के अनुरूप गोठानो को मल्टी एक्टिविटी सेंटरों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि गौठान में रोजगार मूलक गतिविधियां का संचालन हो सके और गौठानो के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। लेकिन वर्तमान में गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा मे निर्मित आदर्श गौठान सचिव व सरपंच की घोर लापरवाही के चलते वीरान हो चुकी है।

गौठान की अव्यवस्थाओं के कारण किसान नहीं ले जा रहे हैं अपने मवेशियों को : –   ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा मे स्थित आदर्श गोठान 2019 में शुभारंभ हुआ था। ताकि स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के द्वार खुल सके। सरकार की महत्वकांक्षी गौठान योजना जिम्मेदार अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के कारण दम तोड़ रही है। गौठान की अव्यवस्थाओं के कारण किसान अपने मवेशियों को नहीं ले जा रहे हैं ।गौठान में जिन महिला समूह पर गौठान संचालन की जिम्मेदारी है उनका साफ तौर पर कहना है कि सचिव व सरपंच की लापरवाही के चलते आज गौठान की ऐसी हालत है ।और समूह महिलाओं का कहना है कि जब तक सचिव चैंपेश्वर दास व सरपंच रहेंगे गौठान की स्थिति नहीं सुधरेंगे तब तक हम कार्य नहीं करेंगे। “छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” संवाददाता से ग्रामीणों ने की चर्चा, खोले पंचायत प्रतिनिधियों के पोल : –   प्रेस वार्तालाप पर स्थानीय लोगों ने बातचीत करते हुए “छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” संवाददाता को बताया कि गौठान में बकरी सेठ निर्माण ,मुर्गी सेठ ,वर्मी कंपोस्ट के लिए निर्माण सेठ ,शौचालय यहां तक की बोर खनन भी हुआ लेकिन बिना रखरखाव के बोर धराशाई हो गया। व गौठान के गेट सहित गोठान में निर्माण हुए सभी सेट रखरखाव व देखरेख के अभाव के कारण तर से बदतर हो गई है ।गौठान को देखने से ऐसा लगता है कि गौठान विरान हो गया है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर रहती है। लेकिन सचिव व सरपंच के घोर लापरवाही के चलते गौठान की हालत तर से बदतर हो गई है ।यहां तक की गौठान को कोई झांकने वाला नहीं है।

सचिव व सरपंच की लापरवाही के चलते आज गौठान की हालत बद से बत्तर : –  उपसरपंच योगेश पुर्ते ने प्रेस वार्तालाप पर ‘छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़’ संवाददाता को बताया कि गोठान निर्माण में सचिव व सरपंच के द्वारा मुझे कार्य करने को कहा गया। लेकिन दो साल बीत चुका सचिव व सरपंच के द्वारा कार्य किए करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि अब तक मुझे नहीं दिया गया है । और मेरे द्वारा मांगने पर मूल्यांकन व सत्यापन नहीं हुआ है जिसके चलते राशि अभी तक अप्राप्त है। कहकर बातों को घुमाया जा रहा है वही गौठान समिति के अध्यक्ष विक्रम नागेश का कहना है कि सचिव चैंपेश्वर दास व सरपंच के भ्रष्टाचार के चलते हम इस गौठान समिति में कार्य करने के लिए इच्छुक नहीं है। सचिव के द्वारा मनमानी करने के चलते हम कार्य करना नहीं चाहते। और आहरण की राशि का अब तक सही तरीके से कार्य नहीं हुआ है। जिसके चलते आज गौठान की हालत ऐसी है।

सचिव व सरपंच के सुस्त रवैए के चलते आज गौठान के कार्य बंद : –  जब कार्यक्रम अधिकारी रमेश कुमार से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुछ जगह विवादित होने के चलते काम अधूरा है। और हम सरपंच सचिव को लिखित में भी आदेश देकर काम चालू करने को कहा है। लेकिन सचिव व सरपंच के सुस्त रवैए के चलते आज गौठान के कार्य बंद है।

 

धारनीधोड़ा के गौठान को देखने से ऐसा लगता है कि सरकारी दावे पूरी तरह से धरातल में फेल : –  जिले के अधिकारी की सतत मॉनिटरिंग का अभाव…..एक और जहां शासन- प्रशासन गौठान के औचेक निरीक्षण का एक और दावा कर रही है वही ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा के गौठान को देखने से ऐसा लगता है कि सरकारी दावे पूरी तरह से धरातल में फेल नजर आ रही है। क्योंकि अगर जिले के अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग अगर होती तो ग्राम पंचायत धारानी धोड़ा के गौठान की हालत आज ऐसी नहीं होती

वर्जन….जब इस संबंध में ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा के सचिव चैंपेश्वर दास से फ़ोन के माध्यम से जानकारी लेना चाही तो सचिव ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा । इससे स्पष्ट होता है कि सचिव अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। और उसकी लापरवाही साफ साफ झलक रही है।

VIKRAM NAGESH
VIKRAM NAGESH
विक्रम कुमार नागेश ( जिला संवाददाता) सैयद बरकत अली (जिला ब्यूरो) कार्यक्षेत्र - गरियाबंद
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