भिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी विचारक एवं गदर पार्टी के संस्थापकों में प्रमुख स्थान रखने वाले लाला हरदयाल जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। लाला हरदयाल जी का जन्म 14 अक्टूबर 1884 को दिल्ली में हुआ था। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी विद्वान, लेखक और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे।
उन्होंने विदेशों में रहकर भी भारत की स्वतंत्रता के लिए जनजागरण किया तथा अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांतिकारी चेतना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1913 में स्थापित गदर पार्टी के आंदोलन से उनका नाम प्रमुखता से जुड़ा रहा। उनका जीवन त्याग, साहस, राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।
लाला हरदयाल जी का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने देशवासियों में गुलामी के विरुद्ध संघर्ष करने, राष्ट्रीय स्वाभिमान जगाने और स्वतंत्र भारत का सपना साकार करने की भावना को प्रबल किया। गदर आंदोलन ने विदेशों में बसे भारतीयों को भी देश की आजादी के लिए संगठित होने की प्रेरणा दी।
उनके विचार आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और देशसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित देश के सभी राष्ट्रवादी संगठनों और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में ऐसे क्रांतिकारियों का योगदान सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। लाला हरदयाल जी की जयंती पर हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।






