छत्तीसगढ़ वन विभाग वाहन चालक संघ का प्रांतीय सम्मेलन और स्थापना दिवस संपन्न
संगठन की मजबूती पर जोर: शासन से प्राप्त मान्यता पत्र का हुआ विमोचन, उत्कृष्ट कर्मचारियों का सम्मा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में आज वन विभाग वाहन चालक एवं कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ का भव्य प्रांतीय सम्मेलन और स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। मनेंद्रगढ़ स्थित वन मंडल अधिकारी (DFO) कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए लगभग 200 कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
माँ सरस्वती की वंदना से शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि वन मंडल अधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल, प्रदेश संरक्षक एस.डी. बरगैया और प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार पांडे द्वारा माँ सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मंच पर मौजूद रहे
शासन की मान्यता और आधिकारिक विमोचन
इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव संघ को शासन द्वारा प्रदान किए गए आधिकारिक मान्यता पत्र का विमोचन रहा। ज्ञात हो कि संघ का पंजीयन क्रमांक 5677/6 है
। विमोचन के दौरान पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे संगठन की एक बड़ी जीत बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस मान्यता के बाद अब संगठन अपनी मांगों और समस्याओं को शासन के समक्ष और अधिक मजबूती के साथ रख सकेगा।
कर्मचारियों का सम्मान और संवाद
सम्मेलन के दौरान वन विभाग में कार्यरत उन वाहन चालकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने संगठन को खड़ा करने और विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने वाहन चालकों की कार्यस्थितियों, वेतन विसंगतियों और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन हमारे संगठन के लिए एक मील का पत्थर है। शासन से मिली मान्यता हमारी एकता का परिणाम है। हम सभी साथियों की मेहनत और अधिकारियों के सहयोग के लिए उनके आभारी हैं।”
— राजकुमार पांडे, प्रांतीय अध्यक्ष
मुख्य बातें:
भागीदारी: छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लगभग 200 कर्मचारी शामिल हुए।
उद्देश्य: संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श।
विशिष्ट अतिथि: डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।
यह सम्मेलन न केवल स्थापना दिवस का उत्सव था, बल्कि विभागीय कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय और भाईचारे को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।