शशिकांत सनसनी मोहला मानपुर छत्तीसगढ़
क्या मोहला मानपुर को फिर से नजरअंदाज किया जा रहा है?
जिला बना लेकिन दफ्तर नहीं – क्या मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी सिर्फ नक्शे पर जिला है?

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी को जिला बने दो साल हो गए, लेकिन आज भी ज़िले के प्रमुख सरकारी दफ्तर राजनांदगांव में ही संचालित हो रहे हैं। सबसे बड़ा उदाहरण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) है, जिसकी ऑफिस अब तक नए जिले में नहीं आई।
राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों ने बड़े दावे किए थे कि जिला बनने से स्थानीय विकास तेज होगा, लेकिन सड़क निर्माण और रखरखाव जैसे अहम कामों के लिए आज भी मोहला मानपुर को राजनांदगांव पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आदेश जारी होने के बावजूद PMGSY की ऑफिस को स्थानांतरित न किया जाना प्रशासनिक लापरवाही का साफ संकेत है।
स्थानीय सवाल:
आदेश के बावजूद ऑफिस क्यों नहीं आई?
स्थानीय विधायक इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
क्या राजनीतिक कारणों से मोहला मानपुर के लोगों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है?
आदिवासी बहुल इलाकों में सड़कों की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन योजनाओं की रफ्तार सबसे धीमी है। फाइलें, टेंडर और निरीक्षण अब भी पुराने जिले से होने के कारण स्थानीय निगरानी और शिकायत निवारण लगभग असंभव है।
जनता की मांग:
PMGSY सहित सभी प्रमुख विभागों को तुरंत मोहला मानपुर स्थानांतरित किया जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन और शिकायत समाधान यहीं हो सके। अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
विधायक का बयान:
मोहला मानपुर की विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा – “भाजपा के राज्य में लोगों को ऑफिस ढूंढना पड़ रहा है। भाजपा की सरकार बने दो साल हो गए, लेकिन प्रधानमंत्री सड़क योजना की ऑफिस आज तक नए जिले में नहीं आई है।”




