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मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में पानी संकट की खबर पूरी तरह भ्रामक, बीपीसीएल की पाइपलाइन खुदाई के कारण प्रभावित हुई थी जलापूर्ति: अस्पताल प्रशासन अस्पताल अधीक्षक ने CMHO को सौंपा आधिकारिक स्पष्टीकरण, कहा— तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर बहाल की गई डायलिसिस सेवा, सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित

मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में पानी संकट की खबर पूरी तरह भ्रामक, बीपीसीएल की पाइपलाइन खुदाई के कारण प्रभावित हुई थी जलापूर्ति: अस्पताल प्रशासन

अस्पताल अधीक्षक ने CMHO को सौंपा आधिकारिक स्पष्टीकरण, कहा— तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर बहाल की गई डायलिसिस सेवा, सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ (छत्तीसगढ़)। स्थानीय 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में पानी के गंभीर संकट को लेकर मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित खबरों को अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह से भ्रामक, निराधार और वास्तविकता से परे करार दिया है। खबर का खंडन करते हुए अस्पताल अधीक्षक ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक विस्तृत और आधिकारिक स्पष्टीकरण पत्र प्रेषित किया है, जिसमें घटनाक्रम के वास्तविक तथ्यों को उजागर करते हुए पूरी स्थिति साफ की गई है।

​गैस पाइपलाइन निर्माण कार्य बना मुख्य कारण

​अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ नगर में वर्तमान में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा भूमिगत गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसी निर्माण कार्य के तहत 31 जुलाई 2026 को की जा रही सड़क खुदाई के दौरान मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके कारण मनेन्द्रगढ़ शहर के कई रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सिविल अस्पताल की नियमित जलापूर्ति भी अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई थी।

​सेंटर मैनेजर की लापरवाही पर लिया गया संज्ञान

​अस्पताल अधीक्षक ने स्पष्टीकरण में बताया कि यह समस्या मूल रूप से प्रबंधन स्तर पर समन्वय की कमी के कारण उभरी। डायलिसिस यूनिट के केंद्र प्रबंधक (सेंटर मैनेजर) को प्रक्रिया शुरू करने से पहले जल भंडारण की स्थिति की जांच करनी चाहिए थी। परंतु, केंद्र प्रबंधक ने जल उपलब्धता का भौतिक सत्यापन किए बिना ही डायलिसिस प्रक्रिया शुरू कर दी और जलापूर्ति बाधित होने की पूर्व सूचना समय रहते अस्पताल प्रशासन को नहीं दी, जिससे स्थिति भ्रमपूर्ण प्रतीत होने लगी।

​त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई: नगर पालिका और जल संसाधन विभाग के सहयोग से पानी की आपूर्ति

​जैसे ही मामला अस्पताल प्रशासन के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने बिना समय गंवाए स्थिति पर काबू पाया। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ और जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क साधा। समन्वय स्थापित कर कुछ ही समय के भीतर टैंकरों व अन्य वैकल्पिक माध्यमों से पर्याप्त जल की व्यवस्था अस्पताल में कराई गई।

​सभी मरीज सुरक्षित, सेवाएं तत्काल बहाल

​वैकल्पिक जलापूर्ति सुनिश्चित होते ही डायलिसिस सेवाओं को पूर्ण क्षमता के साथ तुरंत बहाल कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में पंजीकृत सभी मरीजों का उपचार पूरी तरह सुरक्षित, सुचारू और सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस दौरान किसी भी मरीज का इलाज अधूरा नहीं छूटा और न ही किसी के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

​भविष्य के लिए सख्त निर्देश और आमजन से अपील

​अस्पताल अधीक्षक ने दोहराया कि सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ आम जनता को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस प्रकार की तकनीकी या प्रबंधकीय चूक दोबारा न हो, इसके लिए डायलिसिस केंद्र प्रबंधक को कड़े लिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब हर दिन डायलिसिस प्रक्रिया शुरू करने से पहले बिजली और पानी की आपूर्ति का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन करना होगा।

​इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट, एकांगी और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा किसी भी खबर के प्रकाशन से पूर्व अस्पताल प्रबंधन से आधिकारिक पक्ष अवश्य जानें।

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