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सैटरडे बना ‘श्रमदान डे’: लग्जरी गाड़ियां छोड़ एक ही बस से अमृतधारा पहुंचे अफसर, कलेक्टर ने खुद उठाया फावड़ा

सैटरडे बना ‘श्रमदान डे’: लग्जरी गाड़ियां छोड़ एक ही बस से अमृतधारा पहुंचे अफसर, कलेक्टर ने खुद उठाया फावड़ा

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)।

आमतौर पर शनिवार और वीकेंड का समय आराम, परिवार या निजी कामों के लिए माना जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस शनिवार एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। जिला प्रशासन ने अपने ‘नो वर्किंग डे’ को ‘वर्किंग डे’ में बदलते हुए न सिर्फ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात की सूरत बदली, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का एक बड़ा संदेश भी दिया।

 

VIP गाड़ियां छोड़ीं, एक ही बस में सवार होकर निकले अफसर

 

इस अनूठे अभियान की सबसे खास बात यह रही कि अधिकारियों ने अपनी सरकारी और लग्जरी गाड़ियों का मोह छोड़कर सादगी का रास्ता चुना। प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील को आत्मसात करते हुए जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी एक ही बस में सवार होकर अमृतधारा जलप्रपात के लिए रवाना हुए। इस पहल से अधिकारियों ने सामूहिक रूप से ईंधन बचाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने का व्यावहारिक उदाहरण पेश किया।

 

मैदान में उतरीं कलेक्टर, अफसरों ने उठाया कचरा

 

अमृतधारा जलप्रपात पहुँचकर जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने औपचारिकता निभाने के बजाय जमीन पर उतरकर काम किया। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े स्वयं फावड़ा और सफाई उपकरण लेकर मैदान में उतरीं। उन्हें देखकर बाकी अधिकारियों का उत्साह भी दोगुना हो गया। पूरी टीम ने मिलकर जलप्रपात परिसर और उसके आसपास फैले प्लास्टिक, कचरे और गंदगी को साफ किया और श्रमदान कर स्वच्छता की शपथ दोहराई।

 

“वीकेंड के दिन को सार्थक बनाने और अपने पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने की यह एक छोटी सी कोशिश थी। हमारी कोशिश है कि अमृतधारा न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि अपनी स्वच्छता के लिए भी जाना जाए।”

– संतन देवी जांगड़े, कलेक्टर (MCB)

 

प्रशासनिक अमले की रही मौजूदगी

 

सफाई अभियान के दौरान कलेक्टर के साथ जिले का पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद नजर आया। इस श्रमदान कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे:

 

अंकिता सोम (सीईओ, जिला पंचायत)

नम्रता डोंगरे (अपर कलेक्टर)

लिंगराज सिदार (एसडीएम)

जिला प्रशासन के अन्य अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी।

 

श्रमदान के बाद अधिकारियों ने जलप्रपात परिसर में ही बैठकर अमृतधारा को प्रदेश के प्रमुख और सर्वसुविधायुक्त पर्यटन स्थलों की सूची में अग्रणी बनाने के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा भी की।

मास्टर प्लान: बस्तर के ‘चित्रकोट’ की तर्ज पर विकसित होगा अमृतधारा

 

जिला प्रशासन ने अमृतधारा जलप्रपात की रंगत बदलने के लिए एक बड़ा खाका (मास्टर प्लान) तैयार किया है। इसे बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात की तर्ज पर विकसित करने की योजना है।

 

आने वाले समय में सैलानियों को मिलेंगी ये सौगातें:

प्रस्तावित योजनाएं पर्यटकों को क्या मिलेगा फायदा?

नाइट कैंपिंग (Night Camping) पर्यटक अब रात में भी प्रकृति के बीच ठहरने और कैंपिंग का लुत्फ उठा सकेंगे।

तितली पार्क का पुनरुद्धार बच्चों और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा, लेकिन बंद पड़ा ‘तितली पार्क’ जल्द ही नए स्वरूप में पुनर्जीवित होगा।

बुनियादी सुविधाओं का विस्तार परिसर को अधिक व्यवस्थित, सुंदर और सुरक्षित बनाया जाएगा।

बदलेगी जिले की तस्वीर: प्रशासन की इस पहल और आगामी योजनाओं से न केवल मनेंद्रगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अधिकारियों के इस ‘सैटरडे स्पेशल’ प्रयास की स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।

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