मनेन्द्रगढ़ को मिली 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज की सौगात: पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा- ‘भूपेश बघेल की घोषणा और महंत दंपत्ति के प्रयासों से धरातल पर उतरा सपना’
छत्तीसगढ़ के नवगठित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मनेन्द्रगढ़ में नए मेडिकल कॉलेज के लिए 50 सीटों की शासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद क्षेत्र में हर्ष का माहौल है, तो वहीं दूसरी ओर इस सौगात को लेकर श्रेय की सियासत भी गरमा गई है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस शासनकाल की दूरदर्शिता और निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया है।
भूपेश बघेल के प्रवास से शुरू हुआ था सफर
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए बताया कि इस कॉलेज की नींव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान ही रख दी गई थी। उन्होंने कहा:
”11 और 12 दिसंबर को तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय भूपेश बघेल जी के कोरिया (तत्कालीन) जिला प्रवास के दौरान मनेन्द्रगढ़ की जनता की मांग पर मेडिकल कॉलेज की आधिकारिक घोषणा की गई थी। कांग्रेस जो कहती है, वो करती है और यह सौगात उसी का प्रमाण है।”
महंत दंपत्ति और तत्कालीन सरकार के प्रयासों को दिया श्रेय
गुलाब कमरो ने स्पष्ट किया कि घोषणा के बाद इस परियोजना को ठंडे बस्ते में नहीं डाला गया, बल्कि इसके लिए लगातार कागजी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार और कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत के भगीरथ प्रयासों से ही इस मेडिकल कॉलेज का विधिवत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था।
कमरो ने कहा कि आज जो NMC (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) से 50 सीटों की मंजूरी मिली है, वह उसी सामूहिक मेहनत और कड़े नीतिगत प्रयासों का नतीजा है।
गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का पूरा होगा सपना
इस ऐतिहासिक निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए पूर्व विधायक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और विशेष रूप से सांसद ज्योत्सना महंत के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से MCB जिले के गरीब और मध्यम वर्ग के उन होनहार बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना साकार होगा, जो बड़े शहरों की महंगी फीस वहन नहीं कर सकते थे। अब वे अपने ही जिले में रहकर चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
“घोषणा भी और धरातल पर काम भी”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए और कांग्रेस की कार्यशैली की तारीफ करते हुए गुलाब कमरो ने अंत में कहा कि यही कांग्रेस की असली सोच और विजन है। कांग्रेस केवल हवा-हवाई घोषणाएं नहीं करती, बल्कि विकास कार्यों को धरातल पर उतारना भी जानती है। मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज इसका जीवंत उदाहरण है।
इस मंजूरी के बाद अब जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा।