मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल बना नया मेकाहारा: 1 साल में 1.09 लाख OPD, अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा महानगर
मनेन्द्रगढ़।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़ का 220-बिस्तर सिविल अस्पताल एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। कभी सामान्य प्राथमिक उपचार के लिए जाने जाने वाला यह अस्पताल आज अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और जटिल ऑपरेशनों की सफल प्रक्रियाओं के बल पर संभाग का भरोसेमंद ‘स्वास्थ्य हब’ बन चुका है। प्रादेशिक स्तर पर राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) की तर्ज पर अब मनेन्द्रगढ़ में भी मरीजों को हर श्रेणी की गंभीर बीमारियों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की विशेष पहल और जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के संकल्प के चलते इस अस्पताल का कायाकल्प तेजी से हुआ है। बीते एक वर्ष के आंकड़े इस बात की प्रत्यक्ष गवाही देते हैं कि स्थानीय निवासियों को अब छोटे-बड़े उपचार, सोनोग्राफी, डायलिसिस, लैब जांच अथवा सर्जरी के लिए बिलासपुर, रायपुर या अन्य महानगरों का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त हो गई है।
वार्षिक प्रगति रिपोर्ट: 1 साल के अभूतपूर्व आंकड़े
जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के मध्य अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि क्षेत्रवासियों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास किस कदर बढ़ा है:
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कार्य/सेवा क्षेत्र |
वार्षिक एवं मासिक आंकड़ा |
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कुल ओपीडी (OPD) मरीज |
1,09,264 मरीज (वार्षिक) |
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कुल आईपीडी (IPD भर्ती) |
7,505 मरीज (वार्षिक) |
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कुल प्रसव (Deliveries) |
1,369 (वार्षिक) |
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कुल मेजर/माइनर सर्जरी |
507 सफल ऑपरेशन्स (वार्षिक) |
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दैनिक डायलिसिस सेवा |
औसतन 15 मरीज प्रतिदिन |
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जुलाई 2026 सोनोग्राफी |
442 जांच (प्रति माह) |
सर्जरी सेवाओं में रिकॉर्ड उछाल: 15 से बढ़कर 114 तक पहुंचा आंकड़ा
अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धि इसके सर्जिकल विभाग का सुदृढ़ीकरण है। जहाँ एक वर्ष पूर्व जुलाई 2025 में महीने भर में मात्र 15 सर्जरी दर्ज की गई थीं, वहीं विशेषज्ञ सर्जनों की नियुक्ति और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर (OT) सुविधाओं के बल पर जुलाई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 114 सर्जरी प्रति माह के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया।
माहवार सर्जरी आंकड़े (2026):
- मार्च: 42 सफल ऑपरेशन्स
- अप्रैल: 33 सफल ऑपरेशन्स
- मई: 68 सफल ऑपरेशन्स
- जून: 79 सफल ऑपरेशन्स
- जुलाई: 114 सफल ऑपरेशन्स
अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाएं: सोनोग्राफी एवं डिजिटल जांच का विस्तार
रोगियों को सटीक और त्वरित निदान प्रदान करने के लिए अस्पताल का रेडियोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक विभाग अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है।
- सोनोग्राफी जांच में चार गुना वृद्धि: फरवरी 2026 में जहाँ 123 मरीजों की सोनोग्राफी हुई थी, वहीं मार्च में 202, अप्रैल में 103, मई में 96, जून में 387 और जुलाई 2026 में रिकॉर्ड 442 सोनोग्राफी जांच दर्ज की गईं।
- नई हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल मशीन: मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जल्द ही नई ‘हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल अल्ट्रासोनोग्राफी’ मशीन के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर उसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से घटी ‘रेफरल दर’
अस्पताल में वर्तमान में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी नियमित सेवाएं दे रहे हैं। इनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक), जनरल मेडिसिन और जनरल सर्जरी के विशेषज्ञ शामिल हैं। विशेषज्ञ परामर्श स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से अब दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अन्य बड़े अस्पतालों के लिए ‘रेफर’ करने की जरूरत न के बराबर रह गई है।
किडनी रोगियों के लिए वरदान: निशुल्क डायलिसिस व एडवांस लैब
- नियमित डायलिसिस सेवा: जीवनरक्षक डायलिसिस सुविधा के तहत प्रतिदिन औसतन 15 किडनी रोगियों का उपचार किया जा रहा है, जिससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को निजी अस्पतालों के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिली है।
- हार्मोनल एवं पैथोलॉजी टेस्ट: अस्पताल की आधुनिक लैब में प्रतिदिन सैकड़ों पैथोलॉजी जांचों के साथ-साथ थाइरॉइड और अन्य हार्मोनल टेस्ट की सुविधा भी स्थानीय स्तर पर दी जा रही है।
मनेन्द्रगढ़ का यह 220-बिस्तर सिविल अस्पताल अब न केवल जिले की बल्कि आसपास के ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। सुविधाओं के इस निरंतर विस्तार से स्थानीय जनता को घर के पास ही बेहतर और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।