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स्थानीय बाड़ियों से टमाटर नहीं आने से, कीमतों में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी, जानिए पूरा मामला !

रायपुर : प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई और कई जगहों में बारिश भी हुई राजधानी रायपुर समेत प्रदेश की कई बड़ी सब्जी मंडियों में अब लोकल टमाटर का आवक कम हो गई है। प्रदेश में अब टमाटर बैंगलोर से आ रहे है। स्थानीय बाड़ियों से टमाटर नहीं आने से कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को थोक सब्जी मंडी में 350 से 400 रुपए प्रति कैरेट टमाटर बिके है। 10 दिन पहले टमाटर 100 रुपए प्रति कैरेट बिका था। कुछ ही दिनों में ही टमाटर एकदम लाल हो गया है। बेमौसम बारिश होने के कारण टमाटर के दाम में लगभग 200 रुपए का उछाल आया। आने वाले समय में टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

प्रदेश में बेमौसम बारिश होने से टमाटर ही नहीं, बल्कि सभी सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं। बताया जा रहा है कि, बारिश के चलते स्थानीय फसल बर्बाद हो गई है। अब लोकल सब्जियों की भी आवक मंडी में कम हो गई है। विक्रेताओं का कहना है कि, अब सब्जी महंगी हो जाएगी। 10 दिनों में टमाटर के भाव थोक में 4 गुने हो गए हैं। वहीं अन्य सब्जियों के भाव में भी जोरदार बढ़ोतरी आया है।

बरसात में और बढ़ेंगे सब्जियों के भाव

थोक विक्रेताओं का कहना है कि, टमाटर के साथ कई सब्जियां दूसरे प्रदेश कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात से आ रही हैं। स्थानीय बाड़ियों से सब्जियों का आवक बहुत ही कम हो चूका है। इस समय ज्यादातर सब्जियां 30 से 60 रुपए किलो थोक में बिक रही हैं। चिल्हर की बात करें तो सभी सब्जियां 40 से 80 रुपए किलो के हिसाब से बिक रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि, मानसून लगने के बाद सभी सब्जियों के दाम प्रभावित होंगे। बरसात लगते ही सभी सब्जियों की कीमत आसमान छूने लगेगी।

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