डायरिया रोकथाम अभियान-2026 का शुभारंभ: सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
दूषित पानी व अस्वच्छता से पनपती हैं गंभीर बीमारियां, समय पर ओआरएस व जिंक का सेवन जीवनरक्षक
जिले के सभी विकासखंडों, गांवों और शहरी वार्डों में घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करेगा स्वास्थ्य विभाग
MCB / मनेंद्रगढ़
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में छोटे बच्चों और आम नागरिकों को डायरिया (दस्त) जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने तथा संपूर्ण समुदाय में स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ‘डायरिया रोकथाम अभियान-2026’ का औपचारिक व भव्य शुभारंभ किया गया।
अभियान की शुरुआत के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे ने जिला चिकित्सालय परिसर से विशेष रूप से तैयार किए गए ‘डायरिया जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ आगामी दिनों में जिले के दूरस्थ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर प्रचार-प्रसार करेगा।
बरसात में संक्रमण का खतरा अधिक, सतर्कता और स्वच्छता ही बचाव — डॉ. खरे
जागरूकता रथ को रवाना करने के पश्चात उपस्थित जनसमूह व स्वास्थ्य अमले को संबोधित करते हुए सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने कहा:
“मानसून और बरसात के मौसम में पीने के पानी का दूषित होना और आसपास अस्वच्छता पनपना एक आम समस्या है। ऐसे मौसम में जीवाणुओं और विषाणुओं के फैलने के कारण डायरिया के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जाती है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण स्थिति गंभीर और जानलेवा हो सकती है। हालांकि, थोड़ी सी सतर्कता, व्यक्तिगत स्वच्छता और सही जानकारी अपनाकर इस बीमारी से 100% बचा जा सकता है।”
सीएमएचओ ने दिए बचाव व प्राथमिक उपचार के मुख्य सुझाव:
- सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल: पीने के पानी को हमेशा उबालकर या छानकर उपयोग में लाएं। पानी के बर्तनों को ढंककर रखें और उन्हें रोजाना साफ करें।
- हाथ धोने की सही आदत: भोजन पकाने, परोसने व खाने से पूर्व तथा शौच का उपयोग करने के पश्चात साबुन और साफ पानी से हाथों को अच्छी तरह धोना अनिवार्य बनाएं।
- त्वरित प्राथमिक उपचार: यदि बच्चे या किसी वयस्क को दस्त की शिकायत हो, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। तत्काल घर पर ही ओआरएस (ORS) का घोल बनाकर देना शुरू करें और साथ ही जिंक की गोली का सेवन कराएं।
- तत्काल चिकित्सीय सलाह: प्राथमिक उपचार के साथ-साथ बिना देरी किए मरीज को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर योग्य डॉक्टर से जांच कराएं।
100% कवरेज के लिए त्रिस्तरीय रणनीति: घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं और संदेश पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है:
- जागरूकता रथ का सघन भ्रमण: यह रथ गांव-गांव, हाट-बाजारों और शहरी वार्डों में घूमकर ऑडियो-विजुअल माध्यमों से लोगों को स्वच्छता, जल-शोधन, हाथ धोने की विधि और प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करेगा।
- डोर-टू-डोर मितानिन व आंगनबाड़ी संपर्क: एएनएम (ANM), मितानिन, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। वे विशेषकर 5 वर्ष तक के बच्चों वाले परिवारों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
- ओआरएस और जिंक कॉर्नर व मुफ्त वितरण: अभियान के तहत जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां बांटी जाएंगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में समर्पित ‘ओआरएस कॉर्नर’ भी स्थापित किए गए हैं।
अधिकारियों को कड़े निर्देश और आमजन से अपील
सीएमएचओ डॉ. खरे ने स्वास्थ्य विभाग के सभी जमीनी कर्मचारियों और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया जाए, ताकि जिले का कोई भी पात्र परिवार या बच्चा इससे अछूता न रहे।
साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में डायरिया या दस्त के लक्षणों को मामूली समझकर अनदेखा न करें और अंधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की नि:शुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।
कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
जागरूकता रथ रवानगी के इस गरिमामय अवसर पर जिला चिकित्सालय के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक और विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। जिनमें मुख्य रूप से:
- डॉ. स्वप्निल तिवारी (अस्पताल अधीक्षक)
- श्री शिशिर जायसवाल
- डॉ. वाशिक असदक
- डॉ. नम्रता चक्रवर्ती
- डॉ. अतीक सोनी
- श्री अवनीश पांडेय
- श्री सोमेंद्र मंडल
- श्री संजीत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग का संपूर्ण अमला और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभियान के 3 मुख्य स्तंभ:
- शून्य मृत्यु दर: जिले में डायरिया के कारण एक भी शिशु या बच्चे की मृत्यु न होने देना।
- सतत जागरूकता: स्वच्छता और ओआरएस-जिंक के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना।
- मुफ्त दवा उपलब्धता: जिले के हर दूरस्थ क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस और जिंक गोलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।