एमसीबी में ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा’ का शानदार आगाज, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
सिविल अस्पताल परिसर से रवाना हुआ विशेष रथ; 11 से 18 जुलाई तक जिले भर में चलेगा सघन अभियान, सभी शासकीय अस्पतालों में मिलेंगी निःशुल्क सेवाएँ।
एमसीबी (मनेंद्रगढ़)।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा’ का विधिवत शुभारंभ हो गया है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान के तहत आम जनता में परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति अलख जगाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता रथ रवाना किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे ने 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ परिसर से इस रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों और शहरी वार्डों में भ्रमण कर लोगों को छोटे परिवार के लाभ और स्वास्थ्य अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पूरा मैदानी अमला मौजूद रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, सुश्री लक्ष्मी रजक, जिला लेखा प्रबंधक रविन्द्र सिंह और विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक सुलेमान खान सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
”जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल”
जागरूकता रथ को रवाना करते हुए सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज के संतुलित विकास और हर परिवार की खुशहाली की बुनियाद है। उन्होंने इस वर्ष की मुख्य थीम “जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” पर जोर देते हुए कहा कि दो बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर रखने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आती है। इससे माता और बच्चे दोनों का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेंगी चौबीसों घंटे निःशुल्क सेवाएँ
अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े के दौरान जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में परिवार कल्याण से जुड़ी तमाम सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क मिलेंगी। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच (ANC), सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं के टीकाकरण के प्रति भी विशेष काउंसलिंग की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने एमसीबी जिले के सभी नागरिकों और योग्य दंपत्तियों से अपील की है कि वे अपनी नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर इन निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं और एक जागरूक व समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।