शानदार प्रदर्शन: एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) में MCB जिला पूरे प्रदेश में प्रथम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
एमसीबी,
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले ने एक नया और स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन में जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के तहत संचालित एचआईवी कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्यों को सफलता पूर्वक हासिल कर लिया है। इसके साथ ही एमसीबी जिला उत्कृष्ट और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर यह कठिन राष्ट्रीय लक्ष्य पूरा करने वाला छत्तीसगढ़ राज्य का पहला जिला बन गया है।
कुशल नेतृत्व और मैदानी टीम के समर्पण से मिला मुकाम
यह पूरा अभियान जिला नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के कुशल निर्देशन में मैदानी स्तर पर प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
इस राष्ट्रीय लक्ष्य को धरातल पर उतारने, मरीजों की काउंसलिंग करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (ICTC) के काउंसलर्स की भूमिका सबसे अहम रही। अभियान के दौरान आईसीटीसी काउंसलर श्रीमती निशा सिंह एवं श्री विजेंद्र खटकर के निरंतर प्रयासों, संवेदनशीलता और समर्पण के बलबूते ही जिले को यह विशिष्ट स्थान प्राप्त हुआ है।
’95-95-95′ के कड़े राष्ट्रीय लक्ष्य में दर्ज की अभूतपूर्व उपलब्धि
वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर एचआईवी नियंत्रण के लिए ’95-95-95′ का कड़ा मानक तय किया गया है, जिसके बेहद करीब पहुँचकर एमसीबी जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है:
- प्रथम 95 (त्वरित जांच व पहचान): संभावित मरीजों की त्वरित पहचान और समय पर शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करते हुए जिले ने पहला 95% का लक्ष्य पूरा किया।
- द्वितीय 95 (तत्काल उपचार): एचआईवी संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को बिना किसी विलंब के एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) उपचार से जोड़ने में दूसरा 95% का लक्ष्य हासिल किया गया।
- तृतीय 95 (वायरल लोड न्यूनतम करना): संक्रमित मरीजों के शरीर में वायरस की सक्रियता को न्यूनतम स्तर पर लाने के तीसरे चरण में, 99% के लक्ष्य के मुकाबले 98% की अभूतपूर्व और रिकॉर्ड उपलब्धि दर्ज की गई है।
टीम वर्क और सामूहिक प्रयासों की जीत
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत कर रही टीम को दिया है। यह बड़ी कामयाबी:
- जिला स्वास्थ्य विभाग,
- दिशा (DISHA) टीम,
- आईसीटीसी (ICTC) एवं एआरटी (ART) केंद्र,
- सभी विशेषज्ञ चिकित्सक,
- लैब तकनीशियन, और
- अग्रिम पंक्ति (Frontline) के स्वास्थ्य कर्मियों
के कठिन परिश्रम, निष्ठा और समर्पित प्रयासों का प्रतिफल है।
निरंतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों और समस्त कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
जिला प्रशासन का संकल्प:
“भविष्य में भी जिले में एचआईवी की प्रभावी रोकथाम, शत-प्रतिशत समय पर जांच, दवाओं की निर्बाध उपलब्धता और मरीजों के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के निरंतर सुनिश्चित की जाती रहेंगी।”