भिलाई/संतोष देवांगन ; समकालीन हिन्दी कविता में अपनी अलग पहचान रखने वाले युवा कवि विनोद शर्मा के काव्य संग्रह ‘धरती कभी बाँझ नहीं होती’ की कविताओं में धरती और स्त्री अपने सौन्दर्य के समस्त वैभव, सृजनशीलता की बेचैनी और स्नेह की आर्द्रता के साथ उपस्थित है और उन शक्तियों की शिनाख्त करती है, जो प्रेम, प्रकृति और स्त्री की विरोधी हैं।…..शेष 👇👇👇
कविता संग्रह पर वक्तव्य नासिर अहमद सिकंदर, सियाराम शर्मा एवं घनश्याम त्रिपाठी का होगा तथा आलेख पाठ अंजन कुमार करेंगे एवं कार्यक्रम का संचालन भुवाल सिंह ठाकुर करेंगे।
