
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में जिले में मंडल स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियां कर संगठन को सक्रिय रूप से गतिशील करने का प्रयास किया है। जिला अध्यक्ष के रूप में कोमल सिंह राजपूत की नियुक्ति के बाद अब जिला महामंत्री पद को लेकर चर्चाएं सियासी गलियारों में जोर पकड़ रही हैं।
वर्तमान में सौरभ कोठारी एकमात्र जिला महामंत्री हैं, जबकि दूसरा पद रिक्त है। यह पद किसे सौंपा जाएगा, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है। खास बात यह है कि भाजपा की “परिवारवाद के विरोध” की नीति के कारण पूर्व महामंत्री रविंद्र वैष्णव को दोहराए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि रविंद्र वैष्णव की धर्मपत्नी वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और वे स्वयं विधायक प्रतिनिधि भी हैं।
ये नाम हैं सबसे मजबूत दावेदार
इस पद को लेकर जिन दो नामों की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, वे हैं:
1. अशोक देवांगन – पूर्व जिला पंचायत सदस्य, वर्तमान में जिला किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष, सामाजिक क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखने वाले और पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता।
2. मूलचंद लोधी – वर्तमान में जिला भाजपा उपाध्यक्ष, संगठन के निचले स्तर तक अच्छा प्रभाव और संपर्क।
दोनों ही नेता पिछड़ा वर्ग से आते हैं। चूंकि अध्यक्ष और वर्तमान महामंत्री दोनों सामान्य वर्ग से हैं, ऐसे में भाजपा की सामाजिक संतुलन नीति के तहत यह पद पिछड़ा वर्ग के नेता को दिया जाना संभावित माना जा रहा है।
ग्रामीण बनाम शहरी संतुलन भी अहम
संगठनात्मक संतुलन की दृष्टि से भी निर्णय महत्वपूर्ण है। वर्तमान महामंत्री सौरभ कोठारी शहरी क्षेत्र से आते हैं, ऐसे में दूसरा महामंत्री ग्रामीण क्षेत्र से चुना जाना तय माना जा रहा है।
विवेक साहू की भी दावेदारी
इस दौड़ में विवेक साहू का नाम भी सामने आ रहा है, जो अपने सामाजिक और संगठनात्मक अनुभव के आधार पर दावेदारी कर रहे हैं।
जिला भाजपा महामंत्री का यह पद संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह देखना रोचक होगा कि पार्टी नेतृत्व सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, और कार्यकर्ता की निष्ठा जैसे मानकों को ध्यान में रखते हुए किस नाम पर मुहर लगाता है।




