स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर शिकंजा: संयुक्त टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी, 11 दुकानदारों पर लगा जुर्माना
1. शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सख्त हुआ प्रशासन
मनेंद्रगढ़: मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्कूली छात्रों और युवाओं को नशे की चपेट से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने तंबाकू विक्रेताओं के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA Act-2003) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और पुलिस महकमे की एक संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने 11 अगस्त 2026 को मनेंद्रगढ़ के विभिन्न हिस्सों में अचानक दबिश देकर तंबाकू नियंत्रण कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 दुकानदारों के विरुद्ध धारा 4/6 के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए 2,200 रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना वसूला गया।
2. शहर के इन प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में हुई जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे के सीधे मार्गदर्शन में गठित इस विशेष टीम ने शहर के उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया, जहाँ छात्रों और आम जनता की आवाजाही सबसे अधिक रहती है:
- कलेक्ट्रेट रोड (NH-43): प्रशासनिक कार्यालयों के सामने संचालित गुमटियों और दुकानों की गहन पड़ताल की गई।
- नदी पार क्षेत्र: घनी आबादी और स्थानीय बाजारों के बीच चल रही चाय-पान की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।
- पीडब्ल्यूडी तिराहा एवं आसपास: इस व्यस्त चौराहे के पास स्थित होटलों, रेस्टोरेंटों और किराना स्टोर्स पर कोटपा मानकों की जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे संचालित छोटे-बड़े पान ठेलों, चाय दुकानों, जनरल स्टोर्स, रेस्टोरेंट और होटलों की बारीकी से तलाशी ली गई।
3. कोटपा एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत चालान
जांच के दौरान कई दुकानों पर तंबाकू उत्पादों का खुलेआम प्रदर्शन, बिना वैधानिक चेतावनी के बिक्री, और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान कराने संबंधी उल्लंघन पाए गए।
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अधिनियम / नियम |
उल्लंघन का प्रकार |
की गई कार्रवाई
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धारा 4 (COTPA) |
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान |
दुकानदारों व सार्वजनिक स्थलों पर चेतावनी/चालान |
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धारा 6 (COTPA) |
18 वर्ष से कम आयु को बिक्री / 100 गज के दायरे में बिक्री |
11 दुकानदारों पर कुल ₹2,200 का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना |
4. दुकानदारों को सख्त चेतावनी और कड़ा संदेश
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने केवल जुर्माना ही नहीं वसूला, बल्कि दुकानदारों को कानून का पाठ भी पढ़ाया।
“शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों एवं कॉलेजों) की बाहरी बाउंड्री से 100 गज (लगभग 300 फीट) के दायरे में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा या किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों को बेचना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। आज पहला मौका समझकर जुर्माना लगाया गया है; भविष्य में यदि दोबारा उल्लंघन पाया गया तो दुकान का लाइसेंस रद्द करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— जांच टीम के वरिष्ठ अधिकारी
5. संयुक्त टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए तीन प्रमुख विभागों का समन्वय देखने को मिला:
- डॉ. कीर्ति चौहान — नोडल अधिकारी (तंबाकू नियंत्रण/कोटपा)
- डॉ. विक्की टोप्पो — स्वास्थ्य विभाग प्रतिनिधि
- विकास लकड़ा — औषधि निरीक्षक (खाद्य एवं औषधि प्रशासन)
- स्थानीय पुलिस बल — कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के लिए तैनात दल
6. जन-जागरूकता और निरंतर कार्रवाई का संकल्प
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और भावी पीढ़ी को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना है। प्रशासन ने आम नागरिकों और अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि वे स्कूलों के आसपास तंबाकू की अवैध बिक्री देखते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के अन्य मंडलों और ग्रामीण इलाकों में भी यह चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में लगातार जारी रहेगा।