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पीएम से मुलाकात और ‘संस्कार’ पर सियासत मंत्री की बेटी के चरण स्पर्श पर भड़का विवाद सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस नेता का कटाक्ष,नारी सम्मान बनाम भारतीय परंपरा की बहस तेज

पीएम से मुलाकात और ‘संस्कार’ पर सियासत मंत्री की बेटी के चरण स्पर्श पर भड़का विवाद

सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस नेता का कटाक्ष,नारी सम्मान बनाम भारतीय परंपरा की बहस ते

 

एमसीबी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्रधानमंत्री से हुई पारिवारिक मुलाकात अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है,मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे अपने परिवार के साथ दिल्ली पहुंचे और अपनी बेटी के विवाह का निमंत्रण प्रधानमंत्री को दिया, इस दौरान उनकी बेटी ने प्रधानमंत्री के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया,जिसे मंत्री ने भारतीय संस्कार का प्रतीक बताया। बात दे की वहीं इस सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक कटाक्ष भी सोशल मीडिया पर अब साझा हुआ है जो एक कांग्रेस पार्टी एमसीबी के नए नवेले नेता का पोस्ट है जिन्होंने ने स्वास्थ्य मंत्री के पोस्ट को लेकर एक कहानी लिखी है,यह आलोचनात्मक है जिसमें उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पर नारी सम्मान का आदर न करने का आरोप लगाया है, यह आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा है कि प्रधानमंत्री केवल कैमरे के सामने ही महिला सम्मान की बात करते हैं, कैमरे की लाइट बंद होते ही वह सम्मान की बजाए अनादर करते हैं,कांग्रेस नेता ने लिखा है कि की इस नारी अपमान को कुछ लोग भारतीय संस्कृति और संस्कार बताकर परोसते हैं और जनता को बेवकूफ बनाते हैं,कांग्रेस नेता ने ऐसा लिखकर स्वास्थ्य मंत्री के उस सोशल मिडिया पोस्ट पर कटाक्ष किया है जो उन्होंने साझा किया है,जहां उन्होंने अपनी बिटिया के द्वारा प्रधानमंत्री के पैर छूने की घटना को संस्कार और संस्कृति बताया है,स्वास्थ्य मंत्री सहित प्रधानमंत्री को लेकर कांग्रेस नेता का यह सोशल मीडिया पोस्ट वैसे कांग्रेस नेता के किस खीज का नतीजा है यह तो पता नहीं लेकिन उन्होंने पूरे मामले में भाजपा को प्रधानमंत्री को दोहरा चरित्र वाला निरूपित किया है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक गर्माहट- मंत्री द्वारा साझा इस पोस्ट के सामने आते ही मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जहां एक ओर इसे सामान्य पारिवारिक परंपरा और संस्कार बताया गया, वहीं दूसरी ओर इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ गई,एक कांग्रेस नेता ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए इसे नारी सम्मान से जोड़ दिया और प्रधानमंत्री पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी की,उनके पोस्ट में कहा गया कि महिला सम्मान केवल दिखावे तक सीमित है और इस तरह की घटनाओं को संस्कार बताकर प्रस्तुत किया जाता है।

नारी सम्मान बनाम भारतीय परंपरा की बहस- इस पूरे घटनाक्रम ने एक व्यापक सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है, एक पक्ष का मानना है कि बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जिसमें बेटियां भी समान रूप से शामिल होती हैं, वहीं दूसरा पक्ष इसे आधुनिक दृष्टिकोण से देख रहा है और इसे नारी सम्मान से जोड़कर सवाल उठा रहा है, यानी यह मामला अब केवल एक तस्वीर या पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘संस्कार बनाम सम्मान’ की बहस में बदल गया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में- स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित कांग्रेस नेता पहले भी स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ सक्रिय रहे हैं, हाल ही में उन्होंने एक अन्य मुद्दे को लेकर मंत्री के आवास के सामने धरना भी दिया था, इसके अलावा, उनके परिवार से जुड़े एक मामले में विभागीय जांच पूरी होने और संभावित कार्रवाई की बात भी सामने आ रही है, ऐसे में इस सोशल मीडिया पोस्ट को कुछ लोग व्यक्तिगत और राजनीतिक पृष्ठभूमि से भी जोड़कर देख रहे हैं।

सोशल मीडिया से सियासत तक पहुंचा मामला- एक साधारण पारिवारिक क्षण, जो सामान्यतः चर्चा का विषय नहीं बनता, वह अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है,सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है,जहां हर पक्ष अपने-अपने नजरिए से इसे प्रस्तुत कर रहा है।

संस्कार,सम्मान और राजनीति का टकराव

यह पूरा मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि कैसे एक सामान्य सामाजिक व्यवहार भी राजनीतिक व्याख्या का हिस्सा बन सकता है,जहां एक ओर इसे भारतीय संस्कार के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे आधुनिक नजरिए से परखा जा रहा है, फिलहाल, यह स्पष्ट है कि यह विवाद केवल एक घटना तक सीमित नहीं,बल्कि समाज, राजनीति और विचारधाराओं के बीच चल रही बहस का हिस्सा बन चुका है।

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