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निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी: करोड़ों का CC रोड चंद महीनों में उखड़ा, PWD अधिकारी ‘भक्षक’ बने

निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी: करोड़ों का CC रोड चंद महीनों में उखड़ा, PWD अधिकारी ‘भक्षक’ बने

खड़गवां/एमसीबी, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के राज्य मंत्री द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश के बावजूद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में PWD अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की लागत से बन रहा सीसी (कंक्रीट) रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। खड़गवां मुख्य मार्ग से अगरिया पारा होते हुए आधीबार पहुंच मार्ग पर बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य, कथित तौर पर PWD के अधिकारियों की देखरेख में ही गुणवत्ता और मापदंडों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से जारी है।

रक्षक ही भक्षक बने: खुली आँखों के सामने गुणवत्ता विहीन कार्य

ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस करोड़ों रुपए की सीसी सड़क और पुल-पुलिया निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा जमकर मनमानी बरती जा रही है। निर्माण सामग्री का मिश्रण आरएमसी (रेडी-मिक्स कंक्रीट) प्लांट में ग्रेडिंग के अनुसार सही मात्रा में होना चाहिए, मगर यहाँ निर्माण कार्य में न केवल मशीनों का सही उपयोग नहीं हो रहा, बल्कि सामग्री का मिश्रण भी गुणवत्ता विहीन तरीके से किया जा रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह सारा कार्य लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की सीधी देखरेख में हो रहा है। विभाग के एक इंजीनियर की ड्यूटी निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की होती है, लेकिन यहाँ तो “रक्षक ही भक्षक” बनकर ठेकेदार के इशारों पर काम करा रहे हैं।

परिणाम: इस निम्न-गुणवत्ता वाले निर्माण का असर चंद महीनों में ही दिखने लगा है। सड़क अभी से जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे इसकी मजबूती पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।

कागजों में निरीक्षण, मौके पर अनदेखी

सड़क उखड़ने का मुख्य कारण निर्माण सामग्री का सही मिश्रण न होना, और बिछाने के बाद वाइब्रेटर का उचित तरीके से उपयोग न करना बताया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि PWD के अधिकारियों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जाँच करना या मौके पर निरीक्षण के दौरान कोई सवाल उठाना जरूरी नहीं समझा।

आरोप है कि अधिकारी सिर्फ कागजों में कार्यों का निरीक्षण करने का दावा करते हैं, जबकि वास्तविकता में करोड़ों की लागत का यह काम ठेकेदार की मनमानी से चल रहा है।

खुलासा: खड़गवां मुख्यालय के आसपास सीसी सड़क और पुल-पुलिया निर्माण का ठेका जिस ठेकेदार को मिला है, वह अपनी मनमानी के चलते बिना आरएमसी प्लांट के ही लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर चुका है।

पुल-पुलिया निर्माण में भी धांधली

सड़क के साथ-साथ पुल-पुलिया निर्माण कार्य में भी प्राक्कलन (Estimate) के विपरीत निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है। सूत्रों का कहना है कि गुणवत्ता जाँच के लिए रखी गई कंक्रीट सामग्री में तो अतिरिक्त सीमेंट मिलाकर उसे ‘गुणवत्तापरक’ दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन निर्माण स्थल पर वास्तविकता कुछ और ही बयां कर रही है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि उच्च अधिकारियों की एक टीम मौके पर जाकर सड़क और पुल-पुलिया निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की लेयर-वाइज पूर्ण जाँच करे, जिससे सारी सच्चाई सामने आ सके।

अधिकारी फोन से नदारद, जनप्रतिनिधि बेखबर

इस गंभीर अनियमितता के संबंध में जब विभागीय साइड इंजीनियर के.एस. लोध से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन या तो कवरेज क्षेत्र से बाहर था, या उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

इससे भी अधिक निराशाजनक स्थिति यह है कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों के पास भी इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य का मौके पर जाकर निरीक्षण करने की फुर्सत नहीं है। अधिकारी ठेकेदार के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं, और जन प्रतिनिधि बेखबर हैं, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या राज्य मंत्री के निर्देशों का PWD के अधिकारी जानबूझकर उल्लंघन कर रहे हैं? और क्या उच्च अधिकारी इस करोड़ों के ‘भ्रष्टाचार’ की गंभीरता से जाँच कर दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे, या फिर यह घटिया सड़क कुछ ही समय में टूटकर जनता के पैसे को मिट्टी

 

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