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कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जनदर्शन में सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश

एमसीबी। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने भूमि एवं पट्टे, मुआवजा राशि, सड़क निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र तथा निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई कर समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

भूमि एवं पट्टे से संबंधित मामलों पर रखी गई समस्याएं

जनदर्शन में पोटाडांड निवासी सोनिया गोंड़ एवं अर्जुन सिंह ने भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। पहाड़हंसवाही निवासी फूलमती ने पुस्तानी कब्जे की भूमि की जांच कर पात्रतानुसार पट्टा प्रदान कराने का अनुरोध किया। इसी प्रकार केराडोल निवासी राकी, राजेंद्र कुमार, मलराज एवं भईयालाल ने भूमि और पट्टे से संबंधित समस्याओं के निराकरण की मांग की। पिपरिया निवासी तिलधारी एवं रामबाई ने भी भूमि संबंधी मामलों को लेकर अपनी समस्याएं रखीं।

देवगुड़ी निर्माण एवं अधूरी सड़क का मामला उठा

चनवारीडांड के समस्त ग्रामवासियों ने देवगुड़ी निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने तथा शिकायत के आधार पर संबंधित सरपंच, सचिव एवं इंजीनियर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। वहीं साल्ही निवासी सरपंच केवल सिंह मरकाम ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।

मुआवजा, प्रमाण पत्र और लंबित शिकायतों के निराकरण की मांग

शंकरगढ़ निवासी रामचंद्र ने मुआवजा राशि प्राप्त नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। खोंगापानी निवासी अर्चना सिंह ने टीसी एवं माइग्रेशन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। वहीं खोंगापानी निवासी राकेश कुमार बंसल ने पूर्व में प्रस्तुत शिकायत पर अब तक कार्रवाई नहीं होने की बात रखते हुए उसके निराकरण की मांग की। जनदर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनके निराकरण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि पात्र आवेदकों को राहत मिल सके।

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