राजनांदगांव : रमजान शरीफ का महीना मुस्लिम संस्कृति का एक बहुत ही महान पाक महिना होता है। रहमत बरकत से लबरेज होता है, वहीं इसके नियम भी बहुत कठिन होते हैं, जो इंसान में सहन शीलता को बढ़ाते हैं। रमजान का महिना बहुत ही पवित्र माना जाता हैं।
छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिला संस्कारधानी नगरी पवित्र स्थान के रूप में जाना जाता है।
यहां हर त्यौहार ऊंच-नीच, छोटे-बड़े का भेदभाव भुलाकर परस्पर प्रेम, भाईचारा और सौहार्द्र बढ़ाने का पैगाम दिया जाता है और प्रदेश के खुशहाली अमन-चैन की दुआ किया जाता है, यही हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा है, भारतीय संस्कृति विभिन्न जातियों, धर्मो और अनेकों भाषाओं से परिपूर्ण माना जाता हैं ना कोई रंग भेद और ना ही कोई जाति भेद यही हमें इंसानियत का एहसास दिलाता है। यह भी पढ़े : CM बघेल ने पत्नी को दी जन्मदिन की बधाई.. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शेयर की तस्वीर
जिसे गर्व पूर्ण निभाना हम सभी भारतीयों का कर्तव्य है, उसी परिपेक्ष में समाजसेवी सैय्यद अफजल अली के दोनों बेटे सैय्यद तमरेज अली और आवेज अली ने हर साल की तरह पवित्र महीने रमजान में पूरे महीने रोजा रखकर अल्लाह की ईबादत की और ईद के पावन अवसर पर एकता, अखंडता, संप्रभुता भाई-चारे के साथ प्रेम का संदेश देकर जिले व प्रदेशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी।
