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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बड़ी कार्रवाई: एमसीबी के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी की रोकी गई दो वेतनवृद्धियां, नकली मंगलसूत्र वितरण का था आरोप

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बड़ी कार्रवाई: एमसीबी के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी की रोकी गई दो वेतनवृद्धियां, नकली मंगलसूत्र वितरण का था आरोप

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)

​छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ में कथित वित्तीय अनियमितता और शासकीय लापरवाही के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एमसीबी जिले के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) आदित्य शर्मा की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव (Non-cumulative effect) से रोक दी हैं। शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही और दायित्वों के निर्वहन में विफल पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत यह सजा सुनाई गई है।

​10 फरवरी के सामूहिक विवाह कार्यक्रम से उठा था विवाद

​यह पूरा मामला 10 फरवरी 2026 को एमसीबी जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। इस आयोजन के बाद तब हड़कंप मच गया, जब नवविवाहित जोड़ों को दिए गए उपहारों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे। आरोप था कि गरीब परिवारों की बेटियों को दिए गए उपहार बेहद कम गुणवत्ता के थे और उन्हें कथित तौर पर ‘नकली मंगलसूत्र’ वितरित किए गए थे। उपहारों में इस स्तर की धांधली को लेकर नवविवाहित जोड़ों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई थी और यह मामला पूरे प्रदेश की मीडिया में चर्चा का विषय बन गया था।

​पूर्व विधायक गुलाब कमरो की शिकायत पर बैठी थी जांच

​सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुई इस कथित गड़बड़ी के बाद भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मोर्चा खोला था। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव से की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य शासन ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से पूरे प्रकरण की बिंदुवार बारीकी से जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही और उपहारों की गुणवत्ता में कमी की पुष्टि हुई।

​नोटिस के बाद भी जवाब नहीं माना गया संतोषजनक

​कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

​सरकार ने सुनाई सजा, सर्विस बुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड

​महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपने अंतिम आदेश में माना कि तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपने पदीय और शासकीय दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से नहीं किया, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई। सजा के तहत उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां रोकने के साथ ही अब सूरजपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशानुसार, संबंधित अधिकारी आदित्य शर्मा की आधिकारिक सेवा पुस्तिका (Service Book) में इस दंडात्मक कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड दर्ज कर शासन को इसकी अनुपालन रिपोर्ट भेजी जाएगी।

योजना की पारदर्शिता पर सवाल: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य सरकार की एक बेहद संवेदनशील योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की गरिमामय शादी के लिए चलाई जाती है। ऐसे में उपहार सामग्री—विशेषकर मंगलसूत्र जैसी पवित्र वस्तु की गुणवत्ता में हेरफेर ने न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य संबंधित विभागों और अधिकारियों में भी हड़कंप का माहौल है।

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