बिजली ट्रांसमिशन टावर के मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी- महामंत्री देवाशीष बघेल 

दुर्ग: बिजली ट्रांसमिशन टावर के मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी, दो हफ्ते में मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी – देवाशीष बघेल 

दुर्ग: दुर्ग जिले में 400 केवी/132 केवी विद्युत ट्रांसमिशन टावर परियोजना को लेकर किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का दावा है कि परियोजना से जिले के 19 गांवों के 1500 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं, लेकिन शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिला है।

किसानों के मुताबिक, शासन की ओर से 10 मार्च 2025 को जारी आदेश में टावर बेस की भूमि के लिए 200 प्रतिशत और तारों के नीचे आने वाली भूमि के लिए 30 प्रतिशत मुआवजे का प्रावधान किया गया है। किसानों का आरोप है कि इसके विपरीत टावर बेस की भूमि के लिए 80 प्रतिशत और तारों के नीचे की भूमि के लिए 15 प्रतिशत राशि का भुगतान किया गया है।

किसानों का कहना है कि मुआवजा राशि पूरी नहीं मिलने के साथ फसल नुकसान की भरपाई का मुद्दा भी लंबित है। उनका दावा है कि पिछले करीब एक साल से मुआवजे की राशि अटकी हुई है, जिससे प्रभावित परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

वहीं, किसानों का आरोप है कि टावर निर्माण और राइट ऑफ वे (Right of Way) के मुआवजे को लेकर प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मामले को लेकर किसान नेता एवं अटल सेना दुर्ग जिला के महामंत्री देवाशीष बघेल ने चेतावनी दी है कि यदि दो सप्ताह के भीतर किसानों की मांगों पर समाधान नहीं हुआ और लंबित मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो किसानों के साथ प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

किसानों की मुख्य मांगों में निर्धारित मुआवजे का भुगतान, लंबित राशि का निराकरण और फसल नुकसान की भरपाई शामिल है। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर किसानों की नजर बनी हुई है।

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