* राज्यपाल रमेन डेका के हाथों शासकीय प्राथमिक शाला चंगोरी के प्रधानपाठक विरेंद्र कुमार हुए सम्मानित…
* राज्यपाल रमेन डेका ने किया ब्रेल व 3100+ ऑडियो बुक्स का विमोचन, दृष्टिबाधित बच्चों के लिए खुलेंगे शिक्षा के नए द्वार…
* ब्रेल से ऑडियो तक ज्ञान का विस्तार, रायपुर में राज्यपाल ने किया ऐतिहासिक शैक्षिक पहल का शुभारंभ, किया दिव्यांग महिलाओं की ब्रेल पुस्तक और वर्ल्ड ऑडियो बुक्स का लोकार्पण…
रायपुर: लोकभवन सिविल लाइंस रायपुर में एक ऐतिहासिक पहल के तहत गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इस अवसर पर राज्यपाल महामहिम रमेन डेका के करकमलो से महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तक दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के वीर ब्रेल पुस्तक और वर्ल्ड आडियो बुक्स का विमोचन किया गया।
वहीं दृष्टि बाधित बच्चों के लिए तैयार की गई 3100 से अधिक आडियो बुक्स जो शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी पहल का सशक्त उदाहरण है। इस ऑडियो बुक्स में दुर्ग जिले पाटन विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला-चंगोरी के प्रधानपाठक विरेन्द्र कुमार साहू द्वारा कक्षा सातवीं के हिंदी छत्तीसगढ़ी भारती नामक पाठ्य पुस्तक का प्रस्तुत करते हुए 100 से अधिक ऑडियो बुक्स का निर्माण किया है।
ऑडियो बुक्स कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के सभी विषयों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट शामिल है। जो हिंदी,छत्तीसगढ़ी हल्बी, पंजाबी, अंग्रेजी, सरगुजिया, संस्कृत, आदि भाषा में एवं महिला सशक्तिकरण, दिव्यांग जनों हेतु योजना उपलब्ध है।
इस पर महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जी ने इस नवप्रवर्तन एवं मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार आप सभी सामान्य पुस्तकों को ब्रेल में अनुवादित कर तथा ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टि बाधित बच्चों के लिए ज्ञान के नए द्वार खोले है।
वे वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है, यह कार्य केवल शैक्षिक नहीं बल्कि संवेदनशील सामाजिक दायित्व का भी सृजन है। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने गृह राज्य असम में भी इस प्रकार के पहल को शुरू करने के लिए प्रेरित करुंगा। ताकि वहां के दृष्टिबाधित बच्चों को भी इसी तरह की सुगमता से अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।
शिक्षकों को इस कार्य के लिए उन्होंने सभी को मुक्त कंठ से सराहना करते हुए बधाई दी और कहा कि इस प्रयास से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। इस अभियान की प्रेरणा शिक्षिका सुश्री के शारदा दुर्ग जिले की शिक्षिका को वर्ष 2024 में राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त होने के पश्चात मिली।
दृष्टि बाधित व्यक्तियों के एक समूह से जुड़ने के दौरान उन्हें यह ज्ञात हुआ कि ऐसे बच्चे मुख्य रूप से ऑडियो फॉर्मेट के माध्यम से अध्ययन करते हैं। यहीं से यह विचार उत्पन्न हुआ कि दृष्टि बाधित बच्चों के लिए शिक्षा को सरल और सुलभ बनाया जाए, इसी सोच के साथ 25 अक्टूबर 2024 से इस कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई जिसमें के शारदा ने अभियान में 800 से अधिक ऑडियो बुक्स स्वयं तैयार की है।
इसके पश्चात विभिन्न जिलों के शिक्षकों को इस अभियान से जोड़ा गया जिनके सामूहिक प्रयास से आज यह संख्या 3100+ ऑडियो बुक्स तक पहुंच चुकी है। ऑडियो बुक्स यूट्यूब चैनल में सारे प्लेलिस्ट उपलब्ध है। यह संपूर्ण सेवा भावना और शैक्षिक सहभागिता के आधार पर किया गया है।
इस अवसर पर इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले शिक्षकों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। इसके पूर्व शिक्षक के शारदा एवं प्रीति शांडिल्य द्वारा पूर्व में संयुक्त रूप से ब्रेल बुक तैयार कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल आश्रम को 100-100 प्रति फ्री में उपलब्ध कराया जा चुका है।
राज्य के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट शिक्षकों का समूह बनाकर इस ऑडियो बुक्स का निर्माण किया गया इसमें सभी स्तर के विषय वस्तु और सामान्य जानकारी को ऑडियो के माध्यम से दृष्टि बाधित बच्चों तक पहुंचाने का कार्य किया गया है।
महामहिम राज्यपाल ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक एवं समाज हित बताया है। इस पुनित कार्य में दुर्ग पाटन के शिक्षक विरेंद्र कुमार ने सहभागिता दी। शिक्षक के सम्मान में आसपास हर्ष का माहौल है।




