जैतगुड़रा में आदिवासी भवन का निर्माण भगवान भरोसे

शशिकांत सनसनी छुरिया राजनांदगाँव छत्तीसगढ़

ठेकेदार का कोई अता-पता नहीं, सूचना बोर्ड भी गायब
सरकारी पैसों के दुरुपयोग के आरोप

छुरिया — विकासखंड छुरिया के ग्राम पंचायत जैतगुड़रा में आदिवासी भवन का निर्माण पिछले डेढ़ साल से अधूरा पड़ा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस भवन के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी थी, लेकिन आज तक कार्य में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।

गांव वालों के मुताबिक, निर्माण कार्य आरईएस विभाग की देखरेख में होना था, लेकिन ठेकेदार का कहीं अता-पता नहीं है। बताया जा रहा है कि ठेका लेने के बाद निर्माण कार्य जनपद में कार्यरत एक संविदा कर्मचारी के जरिए कराया जा रहा है, जिसकी नियुक्ति मनरेगा विभाग में है। यह कर्मचारी अपनी मनरेगा ड्यूटी छोड़कर ठेकेदारी में क्यों लगा है, यह किसी को समझ नहीं आ रहा।

सबसे हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी तरह का सूचना पटल लगा है और जो बोर्ड मौजूद है, वह भी अधूरा है—उस पर न ठेकेदार का नाम, न समय-सीमा, न अन्य जरूरी जानकारी लिखी है। इससे यह सवाल उठता है कि ठेका किसे और कैसे मिला, और भवन कब तक पूरा होगा।

गांव के लोग आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और विभागीय स्तर पर इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

इस मामले में सीईओ जनपद पंचायत छुरिया, होरीलाल साहू ने स्वीकार किया कि उन्हें संविदा कर्मचारी के ठेकेदारी में शामिल होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा—“इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।”

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