डोंगरगढ़ से अभिलाष देवांगन की रिपोर्ट-राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकाशखण्ड में आने ग्राम ढारा निवासी रमेश कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता कर अपनी आपबीती बताई।जिसमे डोंगरगढ़ थाना प्रभारी पर प्रताड़ित का आरोप लगाया है।
रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि वह फर्नीचर बनाने का अपने निवास पर करता है,और उसके निवास के बगल में दिनेश वर्मा ढाबा संचालित करता है पीड़ित रमेश द्वारा बताया गया कि होली के समय उसके घर में लगभग 7 पेटी शराब रखा हुआ था।जो कि दिनेश वर्मा का था।जो कि दिनेश वर्मा ने कबूल किया और डोंगरगढ़ थाना द्वारा कार्यवाही किया गया था।दिनेश वर्मा के कार्यवाही उपरांत पीड़ित रमेश को भी गिरफ्तार किया गया।जिसके बाद पैसा लेनदेन करके पीड़ित को छोड़ दिया।
पीड़ित रमेश द्वारा बताया गया कि डोंगरगढ़ थाना प्रभारी शिव चन्द्रा ने होली के एक माह के अंदर लगभग 3 से 4 बार अपने टीम के साथ घर आकर परेशान करना चालू कर दिया था।वही थाना प्रभारी शिव चन्द्रा ने 5000 रुपये का टी टेबल मांग कर ले गया।और बोल कर गया था कि रोगिंग चेयर तैयार करके रखो मैं लेकर जाऊंगा।

कुछ दिन बाद रात 8:30 बजे टीआई शिव चन्द्रा पीड़ित रमेश के घर आया और बोला कि रोगिंग चेयर के बारे में पूछा तो पीड़ित ने बोला कि वह चेयर आर्डर का है और वह उसे बेच दिया है।उतना सुनते ही टीआई शिव चन्द्रा ने गुस्सा हो गया और पीड़ित को खुल्ला बदन घसीटते हुए डोंगरगढ़ थाना ले गया।जिसके पश्चात पीड़ित की पत्नी और उसकी पुत्रों पुलिस गाड़ी में टीआई के सामने गिड़गिड़ाने लगे कि पीड़ित की कोई गलती नही है फिर पीड़ित रमेश को थाना ले जा रहे हो जिसपर पुलिसवालों द्वारा उनको धक्का दे कर पुलिस वाले पीड़ित रमेश को ले गए।
पीड़ित रमेश ने बताया कि हवलदार शीला मेडम ने रमेश को बिना बताए कागज पर हस्ताक्षर करवाया और अंदर शराब लाकर फ़ोटो खिंचा गया।और पीडित के ऊपर फर्जी कार्यवाही की गई।रमेश वर्मा ने बताया कि वह इसकी शिकायत उच्च अधिकारी को करेगा अगर न्याय नही मिलेगा तो वह पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेगा। वही डोंगरगढ़ थाना प्रभारी शिव चन्द्रा ने अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार बताया है।




