* छत्तीसगढ़ की पहली बालिका यंग साइंटिस्ट साक्षी जायसवाल शिक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित…

साक्षी जायसवाल बेमेतरा जिले के डी.ए.वी. स्कूल जांता के प्राचार्य पी. एल. जायसवाल की सुपुत्री हैं। उन्होंने मात्र 12 वर्ष 19 दिन की आयु में प्रकाश के माध्यम से डेटा स्थानांतरण हेतु वायरलेस संचार तकनीक का आविष्कार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसके लिए उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस उपलब्धि के साथ वे भारत की सबसे कम उम्र की बालिका वैज्ञानिक बन गई हैं।
* देश-विदेश में मिला सम्मान…
साक्षी को अब तक भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय, पीएमओ, तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा चेन्नई के राजभवन में तमिलनाडु के राज्यपाल टी. एन. रवि द्वारा भी उन्हें प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया गया।
* भाई-बहन की ऐतिहासिक उपलब्धि…
साक्षी जायसवाल (12 वर्ष) और उनके बड़े भाई पियुष जायसवाल (13 वर्ष) ने गोल्डन बुक ऑफ इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर इतिहास रचा है। पियुष जायसवाल खगोल विज्ञान और एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में शोध कर चुके हैं और उन्हें हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है।
* प्रेरणास्रोत बनीं साक्षी…
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि साक्षी जायसवाल जैसी बाल वैज्ञानिकों से प्रेरणा लेकर प्रदेश के अन्य बच्चे भी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। साक्षी की यह सफलता बेमेतरा जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।