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*इंडिगो के बढ़ते संकट को लेकर विष्णु लोधी ने सरकार और DGCA की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल*

*हजारों यात्री प्रभावित — पायलटों की कमी, ग्राउंडेड विमान और प्रशासनिक लापरवाही को बताया प्रमुख कारण*

राजनांदगांव।

देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो में उत्पन्न संकट को लेकर छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने केंद्र सरकार और DGCA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने से हजारों यात्री परेशान हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

विष्णु लोधी ने कहा कि इंडिगो में पायलटों व क्रू की कमी, तकनीकी कर्मचारियों का अचानक अनुपलब्ध होना और ग्राउंडेड विमानों की संख्या बढ़ना—इन संकेतों पर सरकार और DGCA ने पहले से ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “जिस समस्या को समय रहते रोका जा सकता था, उसे सरकार ने नज़रअंदाज़ कर दिया। आज स्थिति यह है कि देशभर में यात्री फंसे हुए हैं और मंत्रालय सिर्फ दर्शक बना हुआ है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिगो के तेज विस्तार के बावजूद क्रू मैनेजमेंट, इंजन सप्लाई और सुरक्षा मानकों की निगरानी कमजोर रही। लोधी ने कहा कि विमानन क्षेत्र की किसी भी गड़बड़ी की जिम्मेदारी सीधे DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की होती है, लेकिन दोनों ही संस्थाएं समय रहते सक्रिय नहीं हुईं।

विष्णु लोधी ने सरकार से मांग की कि DGCA द्वारा एयरलाइंस का विशेष ऑडिट किया जाए, ग्राउंडेड विमानों के इंजन सप्लाई संकट पर केंद्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और यात्रियों को मुआवजा व सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों के हितों की रक्षा करना सरकार की सीधी जिम्मेदारी है, जिसे इस संकट में पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है।

अंत में लोधी ने कहा, “सरकार ने देश में हवाई यात्रा को सुलभ और सुरक्षित बनाने के वादे किए थे, लेकिन आज सबसे बड़ी एयरलाइन ही अव्यवस्था का शिकार है। यह प्रशासनिक लापरवाही और विफलता का स्पष्ट उदाहरण है।”

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

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