सामान्य प्रशासन बैठक छोड़कर बाहर निकले जनप्रतिनिधि, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
छुरा गरियाबंद _जनपद पंचायत छुरा के प्रभारी सीईओ सतीष चन्द्रवंशी को हटाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत के पदाधिकारी एवं सदस्य लामबंद हो गए हैं। गुरुवार को हुई सामान्य प्रशासन की बैठक में प्रभारी सीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज़ जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी सहित सभापतियों व सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर बाहर आकर मीडिया से बातचीत की।
जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने आरोप लगाया कि बीते दस महीनों में जनपद पंचायत की बैठकों में पारित किसी भी प्रस्ताव पर प्रभारी सीईओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैठक में आय-व्यय की जो जानकारी प्रस्तुत की गई, वह फर्जी प्रतीत होती है। सदस्यों को दी जाने वाली लिखित जानकारी में सीईओ के हस्ताक्षर तक नहीं होते, जो गंभीर अनियमितता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा मीडिया के माध्यम से हो चुका है, बावजूद इसके जिला प्रशासन द्वारा प्रभारी सीईओ के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो संदेह के घेरे में है। जनपद पंचायत छुरा को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है, जहां फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से लाखों रुपये का आहरण किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच और सचिव जनपद पंचायत स्तर पर हो रही अवैध वसूली से परेशान हैं। वाहन व्यय के नाम पर फर्जी भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा जिस नियुक्ति को रद्द किया गया था, उसे कुछ समय के लिए सेवा मुक्त कर पुनः कार्य पर रख लिया गया, जो न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।
जनपद सदस्यों का कहना है कि प्रभारी सीईओ सतीष चन्द्रवंशी को तत्काल नहीं हटाया गया तो जनपद पंचायत पूरी तरह खोखली हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी सीईओ भाजपा समर्थित जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
जनपद पंचायत के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया है कि वे मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर प्रभारी सीईओ और जिला प्रशासन की निरंकुश कार्यशैली की शिकायत करेंगे। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर सरपंचों के समर्थन से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है।