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तारीपानी घाट में चीतल का शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम की कार्रवाई, मांस और शिकार सामग्री बरामद

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम अमाड़ (उदंती कोर क्षेत्र) में चीतल का शिकार करने के मामले में वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चीतल का मांस, तीर-धनुष समेत शिकार में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एंटी पोचिंग टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि ग्राम अमाड़ में वन्यप्राणी चीतल का शिकार किया गया है। सूचना के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, डॉग स्क्वाड तथा उत्तर उदंती वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया। सर्च वारंट के तहत नरेश कुमार भुंजिया और बालाराम सोरी के घरों की तलाशी ली गई, जहां से चीतल के मांस की सब्जी, खून से सने चार तीर, पांच खरगोश फंदे, मोर के सात पंख, बाज के चार पंख, दो धनुष, दो गुलेल तथा अन्य शिकार सामग्री बरामद की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी नरेश कुमार ने 17 जून को तारीपानी घाट क्षेत्र में तीर-धनुष से चीतल का शिकार करने की बात स्वीकार की। इसके बाद वन विभाग की टीम आरोपियों को घटनास्थल ले गई और मामले की पुष्टि की गई।

वन विभाग ने आरोपी नरेश कुमार भुंजिया (31 वर्ष) एवं बालाराम सोरी (39 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम अमाड़, के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दोनों को गिरफ्तार कर जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बरामद चीतल के मांस के नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर भेजा गया है।

इस कार्रवाई में एंटी पोचिंग टीम के नोडल अधिकारी एवं सहायक संचालक गोपाल कश्यप, परिक्षेत्र अधिकारी ज्योति ध्रुव, परिक्षेत्र सहायक पुनाराम साहू, भूपेंद्र कुमार भेंडिया सहित उत्तर उदंती वन परिक्षेत्र एवं डॉग स्क्वाड की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता बताया है।

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