भागवत महापुराण कथा में त्रिभुन महराज जी ने कहा कि कन्या धरती माँ का श्रिंगार है
B. R. SAHU CO-EDITOR
रानीतराई : खारु नदी किनारे बसे ग्राम निपानी में अखिल ब्रम्हाण्ड नायक भगवान श्री कृष्ण जी की असीम कृपा से भागवताचार्य परम श्रद्धेय पंडित श्री त्रिभुवन महाराज मिश्रा जी (बारुला-गरियाबंद) के श्रीमुख से भागवत महापुराण कथा का रसपान कराया जा रहा है कथा के सातवें दिवस महराज जी ने कहा कि कन्या धरती माँ का श्रिंगार है तथा पुरुष का अस्तित्व स्त्री के कारण है ।
इसके आलावा महराज जी ने कहा कि ज्ञान रुपी धन को जितना हो सके उतना बाँटो क्योंकि ये जितना बाँटोगे उतना ही बढ़ता चला जाता है, कन्याओं को धर्म के रास्ते पर चलने के लिये आग्रह किया जिससे माता पिता का सर हमेशा आपके कारण उँचा रहे, सुदामा चरित्र, राजसूय यज्ञ,सत्राजीत कथा, जरासंध वध कथा सुनाया गया कथा का रसपान करने अधिक से अधिक संख्या में सगा संबंधी आसपास के ग्रामीण तथा गांव वाले उपस्थित हो रहे हैं आज कथा का रसपान करने बहुत अधिक संख्या मे श्रोतागण उपस्थित थे ।