Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

आदिवासी समाज ने शहीद वीर नारायण सिंह को याद कर मनाया शहादत दिवस

गरियाबंद : गरियाबंद जिला मैनपुर ब्लॉक नवीन तहसील अमलीपदर क्षेत्र उरमाल में आदिवासी समाज ने मनाया शहादत दिवस पारंपरिक वेश भूषा में शामिल हुए समाज जन ने वीर की सौर्य गाथा का स्मरण किया। अंग्रेजो को खदेड़ जैसे शहीद वीर नारायण ने आदिवासियों में अनाज बाटा था वैसे ही अनाज के पैकेट भी बांटे गए।मूख्य अतिथि लोकेन्द्र कोमर्रा बोले संगठित समाज का प्रजातंत्र में महत्व।

10 दिसम्बर को अखिल भारतीय अमाद गोड समाज के नेतृत्व में उरमाल में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया था।जन्हा पारंपरिक वेश भूषा में सैकड़ो की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित होकर वीर नारायण सिंह के शहादत को याद किया।समाज के राष्ट्रीय महासचिव लोकेन्द्र सिंह कोमर्रा के मूख्य आतिथ्य में यह कार्य्रकम सम्पन्न हुआ।आयोजन की शुरुवात देव पूजन से हुआ,फिर शहिद के जयकारे के साथ विशाल सौर्य रैली निकाली गई।

दोपहर से शुरू हुआ यह आयोजन देर रात तक चलता रहा।विभिन्न प्रस्तुति व सांस्कृतिक आयोजन के जरिये वीर नारायण सिंह के वीरता की झलक दिखलाया गया।अंग्रेजो को खदेड़ कर किस तरह वीर ने आदिवासियों में अनाज व खजाना को बांट दिया था इस महत्वपूर्ण पल को याद करने आगन्तुक सभी समाज जनों को अनाज का पैकेट वितरण किया गया।आदिवासी संस्कृति व पररम्परा की भी झलक सांस्कृतिक आयोजनों मे दिखा।समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को प्रसाश्ती पत्र भेंट किया गया।

कुरूतियों को त्याग दिया तो स्वतः विकास से जुड़ सकेगा समाज- कार्यक्रम के मूख्य अतिथि लोकेन्द्र कोमर्रा ने सभा को सम्बोधित करते हुए समाज को संगठित रहने की अपील किया,कोमर्रा ने प्रेस वार्तालाप पर छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ को बताया कि संगठित समाज का प्रजातंत्र में महत्व है। कोमर्रा ने आगे यह भी कहा समाज नशा से दूर रहकर शिक्षा को अपनाए तो वह स्वतः अपना विकास कर सकता है।

कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे जयसिंह शांडिल्य,विशेष अतिथि आर एन ध्रुव ने भी सभा को सम्बोधित करते हुए शिक्षा पर जोर देते हुए समय के साथ बदलने की अपील किया।ये प्रमूख रूप से उपस्थित रहे- आयोजन में समाज के वरिष्ठ महेश्वर सिंह कोमर्रा,हेमसिंह मांझी,जब्बर सिंह नागेश,अमृत कोमर्रा,नोकचन्द छेदय्या,दुःयन्त धुर्वा, लम्बोधर ध्रुव,रूपेंद्र पोरते,धनसिंह मरकाम,रामेश्वर कपिल,अमृत लाल,मोहन मांझी,रोहित नागेश, केशर नागेश,चरण सिंह,डोमार सिंह,लम्बोधर,तीरन सिंह,भोला सिंह,भुवेंद्र,पुष्पा बाई,पूर्णा नागेश, बैरगी बाई,अहिल्या बाई,मीता नागेश प्रमूख रूप से मौजूद थे।

वीर नारायण सिंह बना छात्र चावल बांट रहा
Exit mobile version