बस्तर में यात्री वाहन चालकों के हौसले इन दिनों बुलंद हैं. जिसके वजह से शहर में खुलेआम ट्रैफिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बता दे की जगदलपुर शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली यात्री टैक्सियों में यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह भरकर ले जाया जाता है, और वहां के यात्री भी जानबूझकर मौत को दावत देते हुए भेड़-बकरियों की तरह सफर कर रहे है। जिसके कारण कभी भी बड़ी हादसा हो सकता है।
ज्ञात हो की बीते दिनों जगदलपुर के मेटावाडा में 5 युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी, जिससे पूरे बस्तर वासियों का दिल दहल चुका था. इस हादसे के बाद पुलिस ने शहर में कड़ाई से नियमों का पालन करवाने में जुट गई थी। कईयों टैक्सियों पर चलानी कार्रवाई भी की, लेकिन सिस्टम में कोई सुधार नहीं आया है जिसके चलते फिर से जगदलपुर शहर के भीतर ऐसी तस्वीर देखने को मिल रहा है, जो की खुलेआम बड़ी सड़क हादसे को निमंत्रण दे रहा है।
वही यातायात प्रभारी ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी. वहीं टैक्सियों पर टोकन लगाने के सवाल पर यातायात प्रभारी ने इस बात से साफ इंकार किया है, लेकिन शहर के भीतर खुलेआम ट्रैफिक व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन होना कार्य व्यवस्था को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर रहा है।
