गरियाबंद। निम्न स्तर की खाद्य सामग्री के विक्रय की आड़ में नगर में जर्दायुक्त गुटके का व्यापार निर्बाध चल रहा है। पूरे नगर सहित ग्रामीण इलाके में आसानी से मिल रहा जर्दायुक्त गुटका इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
शासन से प्रतिबंधित इस जर्दायुक्त गुटखे के व्यापार से कुछ स्थानीय व्यापारी मालामाल हो रहे हैं। सम्बंधित विभाग के अलावा अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से जहर की ये पुड़िया आम नागरिकों की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव डाल रही है। किंतु गठजोड़ और चढ़ावे ने उन लोगों की आंखों में पट्टी डाल दी है, जो इस अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के जिम्मेदार है।
जानकर बताते हैं कि तिरंगा चौक से छुरा रोड मानस चौक तक मेन रोड पर ही ऐसे दो से तीन व्यवसायी है जो खाद्य सामग्री के व्यापार की आड़ में पान पसंद, पान बाग , सितार ब्रांड के तम्बाकू मिले गुटखे के अवैध व्यापार में संलग्न है।
लंबे समय से पदस्थ खाद्य एवं ओषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी के खुलेआम संरक्षण का खेल जग जाहिर है, कुछ वर्दीधारीयों की इन अवैध व्यवसायीयो से मेल-मुलाकात और इनकी ड्योढ़ी जाकर सलाम नमस्ते को संदिग्ध आचरण का प्रतीक माना जा सकता है।
