शशिकांत सनसनी ग्राम चनाडोंगरी, तखतपुर विधानसभा, जिला बिलासपुर
झकझोर देने वाली तस्वीर—स्कूल के बच्चे ट्रांसफार्मर खींचते हुए, जिम्मेदार कौन?
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है। तखतपुर विधानसभा के ग्राम चनाडोंगरी से सामने आई तस्वीर ने सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है।
यहाँ बिजली विभाग के कर्मचारी स्कूल के पास ट्रांसफार्मर लगाने पहुंचे, लेकिन पर्याप्त संसाधन न होने के कारण उन्होंने सरकारी स्कूल के बच्चों से मजदूरी करवाई। बच्चे कक्षा छोड़कर रस्सी खींचकर ट्रांसफार्मर खड़ा करने में जुटे थे।
सवालों के घेरे में शिक्षा और बिजली विभाग
क्या बच्चे उस समय कक्षा से निकालकर लाए गए थे या लंच ब्रेक में यह काम कराया गया?
क्या बच्चों के लिए किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था थी?
अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाता तो जिम्मेदारी कौन लेता?
सरकार के दावों पर सवाल
सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के नए-नए प्रयोगों की बात करती है, लेकिन गांव-गांव में शिक्षा का हाल बद से बदतर है। अब तो स्थिति यह है कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी बिजली विभाग स्कूल के मासूम बच्चों पर निर्भर है।
यह तस्वीर न केवल शिक्षा विभाग और बिजली विभाग बल्कि शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
विधायक के क्षेत्र की घटना
यह घटना तखतपुर विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ से विधायक धरमजीत सिंह हैं। सवाल उठता है कि जब विधायक के अपने क्षेत्र में यह हाल है, तो बाकी जगह स्थिति कैसी होगी?
फिलहाल अब देखने वाली बात यह है कि इस शर्मनाक घटना पर कार्यवाही किस पर होती है और क्या जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, या फिर यह भी महज सोशल मीडिया की एक और वायरल तस्वीर बनकर रह जाएगी।