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खाद की किल्लत पर फूटा किसानों का गुस्सा, सोसायटी में जमकर किया विरोध प्रदर्शन

शशिकांत सनसनी, छुरिया । राजनांदगांव जिले के छुरिया क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति बम्हनी (ब्राह्मणी चारभांठा) में शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब 12 गांवों के सैकड़ों किसान खाद की मांग को लेकर सोसायटी कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर और पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी सहित अन्य खाद नहीं मिल रहा है, जिससे फसलों की बुवाई, बियासी और रोपाई के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

1800 किसानों को नहीं मिल रहा है समय पर खाद

बम्हनी सोसायटी के अंतर्गत लगभग 1800 किसान आते हैं, जो खरीफ सीजन के दौरान समिति से खाद प्राप्त करते हैं। किसानों का कहना है कि धान की बुवाई और रोपाई का समय लगभग समाप्त होने को है, लेकिन उन्हें अब तक खाद नहीं मिल पाया, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है।

सैकड़ों किसान पहुंचे सोसायटी, दी आंदोलन की चेतावनी

खाद की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने सोसायटी कार्यालय में एकत्र होकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राजनांदगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष और उपसंचालक कृषि को लिखित ज्ञापन सौंपा और दो दिन के भीतर खाद उपलब्ध कराने की अल्टीमेटम दी।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय पर खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो वे सोसायटी में ताला बंदी कर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल

किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो अधिकारियों ने स्थिति का संज्ञान लिया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। खाद वितरण में हो रही अनियमितता और कालाबाजारी की आशंका को भी किसानों ने उठाया।

1. दो दिन के भीतर यूरिया, डीएपी सहित अन्य खाद की पर्याप्त आपूर्ति हो।

2. खाद वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

3. कालाबाजारी या भंडारण में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

4. भविष्य में खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की नीति बने।

किसानों की मेहनत और धान उत्पादन की नींव खाद पर टिकी होती है। यदि खाद समय पर न मिले तो पूरा कृषि चक्र प्रभावित होता है। प्रशासन को किसानों के इस आक्रोश को चेतावनी समझना चाहिए और अविलंब आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि खेत और किसान दोनों सुरक्षित रह सकें।

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