विधायक एवं कलेक्टर ने किया स्थल निरीक्षण
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी राजिम में भक्त माता राजिम की भव्य कांस्य प्रतिमा की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप राजिम त्रिवेणी संगम तट पर यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा समिति की प्रथम बैठक लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह, राजिम में आयोजित की गई। बैठक में राजिम विधायक रोहित साहू, कलेक्टर बी.एस.उइके, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मूर्ति स्थापना हेतु उपयुक्त स्थल चयन, राजस्व स्वामित्व, नक्शा-खसरा परीक्षण तथा विवाद रहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रतिमा की स्थापना पूर्ण पारदर्शिता के साथ जनभावनाओं के अनुरूप की जायेगी।
त्रिवेणी संगम तट पर होगी स्थापना
विधायक रोहित साहू ने कहा कि “भक्त माता राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक हैं। त्रिवेणी संगम तट पर उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना से धर्मनगरी राजिम का गौरव और आध्यात्मिक महत्ता और अधिक बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगी और साथ ही पर्यटन विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
विधायक एवं कलेक्टर ने किया स्थल निरीक्षण
बैठक के उपरांत विधायक रोहित साहू एवं कलेक्टर बी.एस.उइके ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया तथा स्थल की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण दल में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विशाल महाराणा, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश यादव, डिप्टी कलेक्टर नेहा भेड़िया, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता रामेश्वर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
5 करोड़ की घोषणा, गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर बनेगी प्रतिमा
विदित हो कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 07 जनवरी 2025 को भक्तिन माता राजिम जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रतिमा निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। प्रस्तावित प्रतिमा लगभग 80 फीट ऊँची एवं 18 टन वजनी होगी, जिसे कांस्य धातु से निर्मित किया जाएगा। प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इसे भूकंप, बाढ़ एवं अधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने हेतु उन्नत तकनीक से तैयार किया जाएगा। मूर्ति का स्वरूप गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर निर्मित किया जायेगा।
