राजनांदगांव । चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रदेश संरक्षक खूबचंद पारख ने जीएसटी की दरो में कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। जीएसटी कम होने से व्यापार का फ्लो तेजी से बढ़ेगा और व्यापारी निश्चित होकर पक्के में काम करेंगे । जिससे जीएसटी संकलन और भारत की अर्थव्यवस्था तथा विदेशी मुद्रा का भंडार भी बढ़ेगा ।
श्री पारख ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि Ease of डूइंग बिजनेस के लिये व स्वरोजगार व रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने के लिये व मानव श्रम उपयोग के लिये हम मांग करते है कि गृह उधोग ,कुटीर व सुक्ष्म उधोग में निर्मित फ़ूड आइटम को पूर्णतः GST से मुक्त किया जावे अर्थात पूर्व की भांति GST केवल रजिस्टर्ड ब्रांडेड आइटम पर ही लगाय जावे ।
छत्तीसगढ़ का व्यापारी ईमानदार है परेशान ना किया जाए
चेंबर के संरक्षक खुबचंद पारख ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के व्यापारी ईमानदार हैं, यही कारण है कि छोटा सा राज्य होने के बाद भी देश के सभी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ का जीएसटी कलेक्शन नंबर वन की गिनती में आता है ।उन्होंने कहा कि व्यापारियों को समस्या आने पर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के आग्रह पर जीएसटी विभाग समय-समय पर निदान करता है, परंतु व्यापारियों के सम्मान का ध्यान रखते हुए केंद्र सरकार के समान व्यापारियों को विशेष रियायतें देनी चाहिए और बहुत ज्यादा व्यापारियों को परेशान नहीं करना चाहिए ।
चेम्बर्स आफ कामर्स ने सरकार द्वारा GST की दरों में कमी का स्वागत किया
रंजनगांव चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष कमलेश बैद ने केंद्र सरकार द्वारा 28%जीएसटी को कम कर 18%एवं 12% को कम कर पांच प्रतिशत करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश हित में बताया है । श्री बैद ने कहा कि परंतु अगर गहराई से चिंतन करते हुए छोटे व्यवसाययों की चिंता की जाए तो हम चाहते है कि इस कदम से ग्रह उद्योग,कुटीर व सुक्ष्म श्रेणी के उद्योग जो GST अनरेजिस्टर्ड डीलर /कम्पोजीशन की श्रेणी में आते है व स्वारोजगार करते है ।आशंका जताई जा रही है कि इस श्रेणी के छोटे छोटे उद्योग बन्द हो जावेगे ।जिससे इस क्षेत्र में कार्यरत करीब 50 लाख लोगों का रोजगार समाप्त हो जावेगा ।
राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट
