धौराभाठा जलाशय परियोजना के प्रभावित किसानों का धरना 22वें दिन भी जारी
किसानों की मांग है कि धौराभाठा जलाशय परियोजना से संबंधित लंबित मुआवजा प्रकरणों की तत्काल जांच एवं समीक्षा की जाए तथा पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार उनकी देय मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।
अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ के संस्थापक एवं प्रदेशाध्यक्ष मनीष चेलक के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में किसानों के अधिकार और न्याय के लिए प्रशासन से लगातार मांग की जा रही है।
मनीष चेलक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बावजूद कई प्रभावित किसानों के मुआवजा प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। अपने वैधानिक हक के मुआवजे के लिए किसानों को लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की समस्या का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “यह संघर्ष किसानों के किसी अतिरिक्त लाभ के लिए नहीं, बल्कि उनके वैधानिक अधिकार और न्याय के लिए है। हमारी मांग है कि प्रशासन लंबित प्रकरणों का तत्काल परीक्षण कर पात्र किसानों को उनका देय मुआवजा दिलाए। किसानों को न्याय मिलने तक अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में हमारा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
धरनारत किसानों ने प्रशासन से लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्रभावित किसानों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की है।