राजनांदगांव । जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष व पार्षद के प्रवक्ता शिव वर्मा ने राजनांदगांव शहर के नाम को नहीं बदलने चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान चलाने के लिए शहर के सभी 51 वार्डों में प्रभारी सह प्रभारी मनोनयन किया जाएगा जिसके तहत उस वार्ड में जनता से मिलकर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे ।
राजनांदगांव 26 जनवरी 1973 को तात्कालिक दुर्ग जिले से अलग हो कर अस्तित्व में आया। रियासत काल में राजनांदगांव एक राज्य के रूप में विकसित था एवं यहाँ पर सोमवंशी, कलचुरी एवं मराठाओं का शासन रहा। पूर्व में यह नंदग्राम के नाम से जाना जाता था। यहाँ की रियासत कालीन महल, हवेली राज मंदिर इत्यादि स्वयं इस जगह की गौरवशाली समाज, संस्कृति, परंपरा एवं राजाओं की कहानी कहता है।
साहित्य के क्षेत्र में श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एवं श्री बल्देव प्रसाद मिश्र का योगदान विशिष्ठ रहा है। 1 जुलाई 1998 को इस जिले के कुछ हिस्से को अलग कर एक नया जिला कबीरधाम की स्थापना हुई। जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य भाग में स्थित है। जिला मुख्यालय राजनांदगांव दक्षिण-पूर्व रेलवे मार्ग स्थित है।श्री वर्मा ने शहर की जनता से अपील करते हुए कहा कि राजनांदगांव शहर का नाम यथावत रखने आप सभी से सहयोग करने की अपील करते हैं।
“छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” के लिए राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट
